लोकसभा का उपाध्यक्ष कब बनेगा?

सत्रहवीं लोकसभा का दूसरा सत्र चल रहा है। पर अभी तक लोकसभा का उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया जा सका है। पिछली लोकसभा में अन्ना डीएमके के थंबी दुरैई उपाध्यक्ष थे पर इस बार वे चुनाव हार गए हैं। अन्ना डीएमके को सिर्फ एक सीट मिली है और वह भी पहली बार के सांसद हैं। दक्षिण में भाजपा के पास दूसरी कोई सहयोगी पार्टी नहीं है। बिहार की सहयोगी पार्टी जनता दल यू के हरिवंश नारायण सिंह को भाजपा ने राज्यसभा में उप सभापति बना रखा है। एक अन्य सहयोगी पार्टी अकाली दल के दो जीते हुए सांसदों में से एक हरसिमरत कौर बादल कैबिनेट मंत्री हैं। दूसरे सांसद उनके पति सुखबीर बादल हैं। इसलिए अकाली दल के नेता को भी भाजपा अपाध्यक्ष नहीं बना सकती है।

कायदा तो विपक्षी पार्टी को उपाध्यक्ष का पद देने का होता है, जैसे यूपीए दो के शासन में भाजपा के कड़िया मुंडा उपाध्यक्ष थे। पर भाजपा विपक्ष की बजाय अपनी सहयोगी या अपने प्रति नरम रुख रखने वाले दल का उपाध्यक्ष बनाना चाहती है। महाराष्ट्र चुनाव से पहले भाजपा की ओर से शिव सेना को इसका प्रस्ताव दिया गया था पर उसने मना कर दिया था। अब भाजपा की नजर बीजू जनता दल के ऊपर है। ध्यान रहे बीजद का रुख मोटे तौर पर भाजपा के प्रति समर्थन का ही रहा है। वह नागरिकता बिल पर भी सरकार का साथ दे रही है। सो, माना जा रहा है कि भाजपा बीजद से उपाध्यक्ष बना सकती है। बीजद नेता भर्तृहरि माहताब का नाम पिछले काफी समय से चर्चा में है। पर उपाध्यक्ष की नियुक्ति कब होगी यह कोई नहीं बता सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares