महाराष्ट्र में भाजपा के अंदर भी सब ठीक नहीं

महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों के दस दिन बाद भी सरकार गठन में गतिरोध के पीछे क्या सिर्फ शिव सेना का रवैया ही जिम्मेदार है? या इसके पीछे कुछ और कारण हैं? जानकार सूत्रों का कहना है कि भाजपा के अंदर भी सब कुछ ठीक नहीं है। देवेंद्र फड़नवीस को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के मामले में कुछ नेता पेंच अटका रहे हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पहले फड़नवीस को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में नहीं थे। पार्टी के नेता इस बात से भी नाराज बताए जा रहे हैं कि पिछले हफ्ते बुधवार को हुई पार्टी विधायक दल की बैठक से पहले ही फड़नवीस ने कह दिया था कि यह बैठक सिर्फ औपचारिकता है। उन्होंने कहा था कि चुनाव प्रचार में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको दोबारा मुख्यमंत्री बनने का ऐलान कर दिया था इसलिए विधायक दल की बैठक में उनको ही नेता चुना जाएगा।

भाजपा से जुड़े एक जानकार नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि फड़नवीस फिर से मुख्यमंत्री बनें। पर मुख्यमंत्री के लिए अमित शाह की पहली पसंद उनके करीबी नेता और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल हैं। पाटिल को चुनाव से कुछ दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और उनके सहारे अमित शाह मराठा राजनीति साधने की कोशिश कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि फड़नवीस के लगातार दो बार महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने से राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका कद बढ़ेगा। उनकी ताकत और संसाधन बढ़ेंगे और फिर वे मोदी के बाद प्रधानमंत्री पद के दावेदार भी हो सकते हैं। ऐसा हुआ तो सबसे बड़ी चुनौती अमित शाह के लिए ही होगी। भाजपा के जानकार सूत्रों का यह भी कहना है कि पार्टी के दिग्गज नेता नितिन गडकरी भी परदे के पीछे से इस पूरे मामले में कुछ भूमिका निभा रहे हैं। सो, ले देकर अब पूरा मामला फड़नवीस के अपने राजनीतिक कौशल पर आ गया है। बताया जा रहा है कि अमित शाह ने उनको अब हरी झंडी दे दी है और कहा है कि वे जैसे चाहें वैसे बात करके सरकार गठन कराएं।

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