दाऊद की संपत्ति नीलामी का ड्रामा क्यों?

महाराष्ट्र सरकार एक बार फिर अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम कासकर की संपत्ति नीलाम करने का नाटक करने जा रही है। बताया जा रहा है कि रत्नागिरी के उसके घर सहित कुल 11 संपत्तियां हैं, जिनकी नीलामी होगी। इसके लिए उनकी कीमत लगाई जा रही है और बाकी बातें तय की जा रही हैं। पिछले दिनों खबर आई थी कि दाऊद के करीबी इकबाल मिर्ची की संपत्ति को नीलामी के लिए रखा गया पर कोई खरीदार नहीं आया।

वहीं कहानी दाऊद के मामले में पहले हो चुकी है और फिर दोहराई जाएगी। दाऊद या उसके गुर्गों की संपत्ति नीलामी के लिए रखी जाती है और कभी उसका कोई खरीदार नहीं आता है। सरकार इस बात का जवाब नहीं दे सकती है कि अब तक उसने कितनी संपत्ति नीलाम की है और उससे क्या प्राप्ति हुई है। यह स्वाभाविक है कि कोई भी सामान्य आदमी किसी गैंगेस्टर की संपत्ति क्यों खरीदेगा? वह भी तब जब वह गैंगेस्टर अभी सक्रिय है।

तभी सरकार को चाहिए कि वह दाऊद या इकबाल मिर्ची या अबू सलेम की संपत्ति नीलाम करने की बजाय अपने कब्जे में रखे और सरकारी इस्तेमाल में लाया जाए। सरकार को अपने दफ्तरों के लिए जगह की कमी है। सरकार हर महीने सैकड़ों करोड़ रुपए किराया भरती है। सो, नीलामी का नाटक करने की बजाय सरकारों को चाहिए कि वे ऐसी संपत्ति में सरकारी दफ्तर खोल दें।

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