महाराष्ट्र में जल्दी ही जांच शुरू होगी!

महाराष्ट्र में शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस ने मिल कर सरकार तो बना ली है पर उसके नेताओं को अंदेशा है कि जल्दी ही केंद्रीय एजेंसियों की गाज उन पर गिर सकती है। चूंकि अभी तुरंत ही सरकार बनी है इसलिए अभी कार्रवाई होगी तो लोगों में यह मैसेज जाएगा कि बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है। तभी थोड़े इंतजार के बाद कार्रवाई होने के आसार हैं। असल में तीनों पार्टियों के नेता किसी न किसी घोटाले के आरोपी हैं।

इन मामलों में से कुछ की जांच राज्य की एजेंसियों के पास है। उनमें तो जांच आगे नहीं बढ़ेगी पर कई मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं।

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में चार बड़े घोटालों की चर्चा हुई है। एक आदर्श हाउसिंग घोटाला है, जो पिछले करीब दस साल से चल रहा है। उसके बाद सिंचाई घोटाला है, दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के निर्माण का घोटाला है और चौथा सहकारी बैंकों का मामला है। इनमें से सिंचाई घोटाले की जांच राज्य की एजेंसियां कर रही हैं। पर बाकी तीन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय, ईडी की जांच चल रही है। महाराष्ट्र सदन मामले में छगन भुजबल काफी समय तक जेल में थे। वे अब फिर से मंत्री बन गए हैं। पर उनके ऊपर से तलवार हटी नहीं है। सहकारी बैंक घोटाले में एनसीपी के नेताओं के नाम हैं और इसी सिलसिले में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को ईडी से नोटिस जारी हुआ था। आदर्श घोटाले में कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम है। सो, सरकार में शामिल पार्टियां इस अंदेशे में हैं कि अगले कुछ दिन में केंद्रीय एजेंसियों की जांच तेज हो सकती है।

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