राज ठाकरे किसके साथ जाएंगे?

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे को उद्धव ठाकरे ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था और इस समारोह में शामिल विशिष्ट अतिथियों के साथ उनको आगे की पंक्ति में बैठाया गया था। तब यह कहा जाने लगा था कि उनकी घर वापसी हो रही है। यह भी कहा जा रहा था कि वे अपनी पार्टी का विलय शिव सेना में कर देंगे। ध्यान रहे राज ठाकरे की पार्टी पिछले दो चुनावों से विधानसभा की एक-एक सीट जीत रही है। तभी उनके समर्थक भी मान रहे हैं कि अब अलग पार्टी बना कर राजनीति करने का कोई मतलब नहीं है। राज ठाकरे पर दबाव है कि वे या तो पार्टी का विलय करें या किसी गठबंधन का हिस्सा बनें।

शरद पवार ने उनको यूपीए का हिस्सा बनाने का प्रयास किया था। अब पवार की पार्टी और कांग्रेस दोनों शिव सेना के साथ हैं। तभी राज ठाकरे दुविधा में पड़ गए हैं। दूसरी ओर उन्होंने भाजपा विरोध में नरेंद्र मोद और अमित शाह पर इतने हमले किए हैं कि उधर भी उनके लिए मुश्किल हो सकती है। इस बीच खबर है कि भाजपा पुरानी बातों को भूल कर राज ठाकरे को अपने साथ लेने के लिए तैयार है। भाजपा के कुछ नेता उनके संपर्क में हैं। असल में भाजपा को भी शिव सेना के विकल्प के रूप में मराठा मानुष की राजनीति करने वाली एक पार्टी की जरूरत है। अब फैसला राज ठाकरे को करना है। उनके लिए दोनों तरफ दरवाजे खुले हैं।

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