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बस स्टैंड पर मिली सलाह ने बदला जैकी श्रॉफ का करियर

Ahmedabad, Feb 23 (ANI): Bollywood actor Jackie Shroff interacts with the media during a promotion of his upcoming Hindi film ‘Two Zero One Four’, in Ahmedabad on Friday. (ANI Photo)

हिंदी सिनेमा में कई ऐसे सितारे रहे, जिन्होंने अपनी अदाकारी से न सिर्फ फैंस का दिल जीता बल्कि युवा पीढ़ी को नए फैशन से परिचित कराया। 

हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के ‘भिडू’ यानी जैकी दादा उर्फ जैकी श्रॉफ की, जिन्हें पढ़ाई में रूचि नहीं थी लेकिन फिर भी पिता के कहने पर स्कूल जाना शुरू किया। 1 फरवरी को अभिनेता अपना 69वां जन्मदिन मनाएंगे।

जैकी श्रॉफ आज हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम है, लेकिन एक समय ऐसा था जब उन्हें नहीं पता था कि करना क्या है। जैकी का जीवन बेहद गरीबी में गुजरा था। मुंबई की चॉल में सोना, दो वक्त के खाने का इंतजाम करना भी उस वक्त उनके परिवार के लिए मुश्किल था। अभिनेता के पिता, काकूभाई श्रॉफ, बिजनेसमैन थे, लेकिन बिजनेस में घाटे के बाद उन्होंने ज्योतिष का काम शुरू किया और उन्हें पता था कि जैकी, यानी जयकिशन काकूभाई श्रॉफ, बड़े होकर बड़े स्टार बनेंगे, लेकिन गरीबी का आलम ये था कि अभिनेता को अपने पिता की बात पर भरोसा नहीं था।

जैकी के लिए स्कूल जाना भी एक जंग जैसा था। उन्होंने पढ़ने में कोई रुचि नहीं थी, लेकिन पिता के जोर देने पर उनकी मां ने उन्हें 7 साल की उम्र में पहली बार स्कूल भेजा था। यहां तक कि एक दिन जैकी ने अपने पिता से कह दिया कि वे पढ़ाई छोड़ना चाहते हैं। पहले जैकी को लगा था कि पिताजी गुस्सा करेंगे लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कोई नहीं, वैसे भी तुम्हें एक्टर बनना है।

परिवार चलाने के लिए नौकरी की तलाश में जैकी इधर-उधर काम करने लगे। उन्होंने मूंगफली बेची, उन्होंने ताज इंटरकॉन्टिनेंटल होटल में शेफ के रूप में काम किया और एक विज्ञापन एजेंसी के लिए भी काम किया, लेकिन बस स्टैंड पर एक अनजान व्यक्ति से मिली सलाह ने उनका जीवन बदल दिया। उस शख्स ने उनके लुक की तारीफ करते हुए मॉडलिंग करने का सुझाव दिया। 

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जैकी ने नेशनल विज्ञापन कंपनी में अपना पहला मॉडलिंग प्रोजेक्ट हासिल किया और उस वक्त उन्हें 7500 मिले थे। कई प्रोजेक्ट्स करने के बाद अभिनेता ने अपना डेब्यू 1982 में आई फिल्म ‘स्वामी दादा’ से किया, और ये फिल्म भी देव आनंद साहब की वजह से मिली थी क्योंकि वे उनके बेटे जैकी के बहुत अच्छे दोस्त बन चुके थे।

पहली फिल्म में साइड रोल करके जैकी को खास पहचान नहीं मिली, लेकिन उन्हें बतौर लीड रोल फिल्म ‘हीरो’ ऑफर हुई। ये फिल्म अभिनेता के करियर का टर्निंग पॉइंट रही क्योंकि इस फिल्म के बाद अभिनेता ने कई फिल्में साइन की। कहते हैं कि जिंदगी में कुछ अच्छा होने से पहले कुछ बुरा भी झेलना पड़ता है। अभिनेता को फिल्म ‘हीरो’ मिली, लेकिन शूटिंग के कुछ दिनों बाद ही उनका भयंकर एक्सीडेंट हो गया और उनकी नाक और जबड़ा भी टूट गया। अभिनेता को डर था कि अब उन्हें फिल्म से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है, लेकिन सुभाष घई ने उनकी परिस्थिति को समझा और फिल्म की शूटिंग पूरी की।

‘हीरो’ के बाद अभिनेता ने ‘आज का दौर’, ‘युद्ध’, ‘कर्मा’, ‘त्रिमूर्ति’, ‘लज्जा’, ‘काश’, और ‘दिल ही तो है’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें हीरो बनाने में फिल्म ‘हीरो’ का बड़ा योगदान था, जो पर्दे पर सुपरहिट साबित रही।

Pic Credit : ANI

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