फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक-निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म की कहानी लिखने के दौरान खुद को डिजिटल दुनिया से पूरी तरह दूर कर लिया था। विशाल ने बताया कि उन्होंने कमरे से सभी डिजिटल उपकरण हटा दिए थे और पूरी कहानी पेन और कागज पर लिखी। बाद में लिखे पन्नों की तस्वीरें सहायकों को भेजते थे, जिन्हें डिजिटल रूप में टाइप किया जाता था।
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उन्होंने कहा कि फिल्म के पहले दृश्य को लिखने में करीब 45 दिन लगे, क्योंकि उनके लिए पहला दृश्य पूरी कहानी की दिशा तय करता है। पहला दृश्य तैयार होने के बाद उन्होंने पूरी पटकथा महज 15 से 20 दिनों में पूरी कर ली।
नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित ‘हनुमान अंश’ के लिए विशाल ने काफी शोध किया। उन्होंने कहा कि निर्माताओं ने उन्हें बिना जल्दबाजी के अपनी रचनात्मक प्रक्रिया के अनुसार काम करने की पूरी स्वतंत्रता दी।
फिल्म के प्रति अपनी भावना व्यक्त करते हुए विशाल ने कहा कि यह उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और प्रेरणा की कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है।
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