जसलीन रॉयल: महिला रचनाकारों की कमी है - Naya India
मनोरंजन| नया इंडिया|

जसलीन रॉयल: महिला रचनाकारों की कमी है

मुंबई। संगीतकार और गायक जसलीन रॉयल ने इस बात की ओर इशारा किया है कि भारतीय संगीत उद्योग में कुछ महिला संगीतकार भी हैं। जसलीन ने बताया, “मैं म्युजिक इण्डस्ट्रीे में मुख्य भूमिकाओं में अधिक संख्या में महिलाओं को देखना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि वे भारतीय संगीत को ऊंचे स्तर तक ले जाएं। आज, स्थिति बेहतर है – कई महिला एकल गायक आ गई हैं, लेकिन अभी भी संगीत रचना में महिलाओं की कमी है। मैं आगे के समय में इस बदलाव को भी देखना चाहती हूं।

जसलीन ‘लव यू जिंदगी’ (‘डियर जिंदगी’) और ‘नचदे ने सारे’ (‘बार-बार देखो’) जैसी हिट फिल्मों के लिए आवाज दे चुकी हैं। बॉलीवुड में आने से पहले वे ‘पंच हो जावन’, ‘माई नी’ और ‘दीन शगना दा’ जैसे सिंगल्स भी बना चुकी थीं। वह रियलिटी टीवी टैलेंट हंट शो ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ के पहले सीजन में भी दिखाई दी थीं। इस शो में एकल महिला बैंड का दर्जा दिया गया था क्योंकि वह गाने के साथ-साथ विभिन्न संगीत वाद्ययंत्र बजा लेती हैं।

अब तक के अपने सफर को याद करते हुए जसलीन भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “मैं सभी अवसरों और मुझे काम देने वाले लोगों के लिए वास्तव में आभारी हूं। यह एक लंबी यात्रा रही है। मुझे अपने करियर के शुरूआती चरण में करण जौहर सर और जोया अख्तर के साथ काम करने का मौका मिला है। यह मेरे लिए वास्तव में बड़ी बात थी।

जसलीन अच्छा संगीत बनाने पर ज्यादा और परिणाम पर कम ध्यान देने में विश्वास करती हैं। वह कहती हैं, “ऐसे दिन थे जब मुझे लगा कि मेरे गाने काम नहीं कर रहे हैं। मैंने खुद पर संदेह करना शुरू कर दिया। लेकिन फिर चीजें बदल गईं। चीजें पनपने में समय लगता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *