कार्तिक आर्यन ने परिवार के साथ बिताया क्वॉलिटी टाइम - Naya India
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कार्तिक आर्यन ने परिवार के साथ बिताया क्वॉलिटी टाइम

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन का कहना है कि उन्होंने परिवार के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताया है। कार्तिक आर्यन ने बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बना ली है। वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और अपने फैंस का खूब मनोरंजन करते रहते हैं। कार्तिक ने वर्ष 2020 में अपने परिवार के साथ बिताए गए समय के बारे में बात की है।

कार्तिक ने कहा, “लगातार फिल्मों की शूटिंग करने को लेकर परिवार और दोस्तों के साथ रहने का समय नहीं मिला। साल 2020 एक ब्रेक की तरह मिला इसलिए मैं इस ब्रेक को लंबे समय तक याद रखूंगा। यह साल सच में अच्छा रहा। मैंने अपनी बहन का जन्मदिन मनाया और पिछले सात-आठ सालों में पहली बार अपने परिवार के साथ लगभग सभी त्योहारों को मनाया। मुझे अपने भविष्य वर्तमान और अतीत के बारे में सोचने का पर्याप्त समय मिला।

इंडस्ट्री में यह दुख की बात है कि हमें इस तरह के काम करने के लिए बहुत कम समय मिलता है। कार्तिक आर्यन अंतिम बार इम्तियाज अली की फिल्म लव आज कल में सारा अली खान के साथ नजर आए थे। कार्तिक आर्यन ‘भूल भुलैया 2’ और ‘दोस्ताना 2’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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