Loading... Please wait...

नीतीश, लालू में डाल-डाल और...

मकड़जाल बुनने में न नीतीश कुमार का जवाब है और न लालू प्रसाद यादव का! अच्छा खासा राज चल रहा था उसे अपने तानेबाने में ऐसे दांव पर लगाया है कि दोनों मन में अब और गहरी गांठ बांधे रहेंगे। इन पंक्तियों के लिखने तक फैसले का दारोमदार नीतीश कुमार पर लग रहा है। लालू प्रसाद यादव ने गुजरी रात कहा है कि तेजस्वी प्रसाद के कैबिनेट से इस्तीफे का सवाल नहीं उठता हैं जो करना हो करें। मतलब नीतीश कुमार के लिए तेजस्वी को बरखास्त करने का अब रास्ता है। ऐसा हुआ तो लालू यादव अपनी पार्टी के सभी मंत्रियों के इस्तीफे दिला कर नीतीश सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा कर सकते है। मतलब वे सरकार गिरने नहीं दे। इसलिए कि सरकार गिराने का मतलब है कि या तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगे या भाजपा बाहर से समर्थन देने की घोषणा कर नीतीश सरकार को जिंदा रखे। दोनों ही स्थिति लालू के लिए ठीक नहीं है। 

नीतीश कुमार क्या करेंगे यह फैसले के वक्त का ग्रह काल तय करेगा। फिलहाल उनका इरादा रामचंद्र गुहा जैसों का महानायक बना रहना है इसलिए वे भाजपा की गोद में जा बैठे, यह मुश्किल है। नीतीश अपने आपको खास, नरेंद्र मोदी के समनांतर महानायक बनाए रखने की उधेड़बुन में पहले दिन से है। उस नाते सोचा जा सकता है कि उन्होंने भाजपा का इस्तेमाल कर लिया। भाजपा ने लालू यादव और तेजस्वी को बदनाम करने के लिए जो कुछ संभव था कर डाला। उसी से नीतीश कुमार जतला रहे है कि उनके लिए दागी तेजस्वी को कैबिनेट में रख कर राज करना संभव नहीं है। वे लालू और तेजस्वी को औकात बता दुनिया में मैसेज दे रहे है कि उनकी फितरत नहीं इमेज, उसूलों से समझौता करना। अब यह बात बिहार की जनता में भले न पैंठे क्योंकि आखिर 2015 में उन्होंने चुनाव तो सजायाफ्ता लालू यादव के साथ एलायंस बना कर ही जीता था। मगर बिहार के बाहर देश की धर्मनिरपेक्ष ताकतों व नरेंद्र मोदी के विकल्प के लिए छटपटा रही जमात में तो उनकी वाह बनेगी। 

सो उसी नाते रामचंद्र गुहा की नीतीश को कांग्रेस का अध्यक्ष बना देने की अपील का मतलब समझे। देश के सेकुलर मानने लगे है कि नरेंद्र मोदी को हराना राहुल गांधी के बस में नहीं है। उस नाते इस जमात की नजर में नीतीश कुमार नंबर एक बनना चाहते है या है।  नीतीश कुमार ने 2015 के बाद से ही इस बात को समझा हुआ है। तभी ताजा प्रकरण को मौका बना कर वे अपनी मजबूत नेता, साफ –सुथरी इमेज, सत्ता को ठोकर मार देने की हद तक दागी राजनीति को बरदास्त न करने वाली इमेज बनाने का मौका आया मान सकते है। 

नीतीश कुमार को पता है कि लालू और उनका परिवार सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स से इतना ज्यादा घिर चुका है कि वह पटना में भाजपा समर्थक सरकार नहीं बनने देना चाहेंगे। इसलिए भाजपा ने जब नीतीश सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की तो लालू यादव का भी पैंतरा था कि ठीक है, नीतीश खुद चलाएं सरकार हम बाहर से समर्थन दे देंगे। नीतीश-कांग्रेस की सरकार राजद के बाहर से समर्थन पर चलती है तो बिहार में लालू उतने बेघर नहीं होंगे जितने नीतीश-भाजपा के साझे से बनते हंै। लालू यादव ने यों भी पहला मिशन नरेंद्र मोदी, भाजपा को हराने का बनाया हुआ है तो वे राजद को सत्ता से बाहर रख 2019 की रणनीति सोचे रहेंगे। 

तब लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी का पहले ही इस्तीफा क्यों नहीं करा दिया? इसलिए की लालू भी खांटी ओबीसी नेता है  वे नीतीश कुमार की राजनीति, उनका खेल समझ रहे है सो उन्हें पूरी तरह पदा कर अपने आपको बड़ा मसीहा बनाने की जुगत में है कि देखों उन्होंने कितना बड़ा बलिदान दिया। बिहार में सेकुलर सरकार और देश में नरेंद्र मोदी की साजिश से लड़ने के लिए कैसी कुरबानी दे रहे हैं। कुछ भी हो, नीतीश की सरकार गिराने से सेकुलर जमात में लालू की बदनामी अधिक बनती बनिस्पत अपमान और सत्ता गंवाने के बावजूद सरकार चलवाते रहने की वाह के!

सो दोनों में  दिलचस्प डाल-डाल, पांत-पांत वाली राजनीति है। यदि लालू की पार्टी नीतीश सरकार को बाहर से समर्थन देकर जनता दल यू से एलायंस बनाए रखती है और नीतीश की इमेज बनने देती है तो मन में दोनों में गांठ भले गहरी बंधे और 2019 के बाद उसके नतीजे भी शायद दिखे मगर तब तक इन दोनों का यह  साझा भाजपा के लिए घाटे का सौदा होना है।  इसलिए कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, भाजपा की नंबर एक रणनीति है कि जैसे भी हो उत्तर प्रदेश और बिहार में 2019 से पहले विपक्ष को बिखरवाना है। इन दो प्रदेशों की गणित में ही 2019 का खेल बनना –बिगड़ना है। सो नीतीश कुमार यदि सेकुलर जमात में साफ इमेज के दमदार नेता  की इमेज पाते है और मौजूदा महागठबंधन ही 2019 में बिहार में मिल कर चुनाव लड़ता है तो संकट तो नरेंद्र मोदी-अमित शाह की रणनीति को है। तभी अपना यह भी मानना है कि इन दोनों की रणनीति कच्ची नहीं हो सकती। ये तो तो किसी भी सूरत में नीतीश और लालू दोनों को निपटाएगें।  महागठबंधन को बिखेरेगें।  

Tags: , , , , , , , , , , , ,

790 Views

बताएं अपनी राय!

हिंदी-अंग्रेजी किसी में भी अपना विचार जरूर लिखे- हम हिंदी भाषियों का लिखने-विचारने का स्वभाव छूटता जा रहा है। इसलिए कोशिश करें। आग्रह है फेसबुकट, टिवट पर भी शेयर करें और LIKE करें।

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

आगे यह भी पढ़े

सर्वाधिक पढ़ी जा रही हालिया पोस्ट

भारत ने नहीं हटाई सेना!

सिक्किम सेक्टर में भारत, चीन और भूटान और पढ़ें...

मुख मैथुन से पुरुषों में यह गंभीर बीमारी

धूम्रपान करने और कई साथियों के साथ मुख और पढ़ें...

बेटी को लेकर यमुना में कूदा पिता

उत्तर प्रदेश में हमीरपुर शहर के पत्नी और पढ़ें...

पाक सेना प्रमुख करेंगे जाधव पर फैसला!

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय और पढ़ें...

© 2016 nayaindia digital pvt.ltd.
Maintained by Netleon Technologies Pvt Ltd