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लालू के हवाले बिहार, झारखंड में कांग्रेस!

बिहार और झारखंड में कांग्रेस पार्टी क्या पूरी तरह से लालू प्रसाद के हवाले हो गई है? पटना और रांची दोनों जगह यह चर्चा है कि कांग्रेस अध्यक्ष लालू प्रसाद ने हटवाए हैं और उनकी मर्जी से कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जा रहा है। झारखंड में बिहार काडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है। वे नौकरी में रहते लालू प्रसाद के बड़े करीबी रहे थे। उन्होंने उस समय की बिहार की राजनीति में लालू के घनघोर विरोधी रहे कई जातीय बाहुबलियों का इनकाउंटर किया था। वह दाग झारखंड की राजनीति में उनके और कांग्रेस के लिए बड़ा संकट खड़ा करने वाला होगा। 

इसी तरह बिहार में माना जा रहा है कि अशोक चौधरी को अध्यक्ष पद से हटवाने में लालू प्रसाद की बड़ी भूमिका रही। अशोक चौधरी किसी जमाने में लालू के बड़े करीब हुआ करते थे। पर बाद में जब वे महागठबंधन की सरकार में शामिल हुए तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी हो गए। वैसे भी उस समय राहुल गांधी भी नीतीश के सबसे बड़े प्रशंसकों में थे और उन्होंने नीतीश को महागठबंधन का नेता बनवाया था। इस लिहाज से भी चौधरी का नीतीश के करीब जाना समझ में आ रहा था। 

चौधरी के समर्थकों का कहना है कि इसे लालू प्रसाद ने बढ़ा चढ़ा कर कांग्रेस आलाकमान के सामने पेश किया और यह कहना शुरू कर दिया कि अशोक चौधरी पार्टी तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के आला नेताओं को यह डर दिखाया कि कांग्रेस के ज्यादातर विधायक टूटने को तैयार हैं। सो, आनन फानन में कांग्रेस ने अध्यक्ष हटा दिया। नए अध्यक्ष का नाम तय किए बिना ही अशोक चौधरी को हटाया गया। 

अब कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद अपनी पसंद का अध्यक्ष बनवाना चाह रहे हैं। फिलहाल कौकब कादरी कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। अगर लालू प्रसाद की चली तो कोई पिछड़ा या मुस्लिम कांग्रेस अध्यक्ष होगा। लालू को चुनौती देने के लिए कई कांग्रेस नेता रंजीता रंजन को प्रदेश अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। वे पप्पू यादव की पत्नी हैं और उनके कांग्रेस अध्यक्ष बनने से लालू प्रसाद को अपने दोनों बेटों के नेतृत्व पर संकट दिख रहा है। इसलिए वे इसे रूकवाने के प्रयास में हैं, जिसमें उनको कामयाबी मिलने की ज्यादा संभावना है। हालांकि कांग्रेस के कुछ जानकार नेताओं का कहना है कि लालू प्रसाद की शिकायतों पर कांग्रेस आलाकमान किसी को हटा सकता है, लेकिन उनकी मर्जी का अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। इस दावे की परीक्षा अगले कुछ दिन में होगी, जब नया अध्यक्ष नियुक्त होगा। 

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