Loading... Please wait...

क्या एनसीपी भी सरकार में?

अपने को भरोसा नहीं हो रहा है मगर जानकार बता रहे हैं कि शरद पवार की पार्टी एनडीए का हिस्सा बन मोदी सरकार में मंत्री पद पाने वाली है। मतलब प्रधानमंत्री मोदी अपने कैबिनेट का अगला फेरबदल करेंगे तो न केवल नीतीश कुमार की जनता दल यू और तमिलनाडु की एआईडीएमके के मंत्री शपथ ले सकते हैं बल्कि एनसीपी के नेता भी मंत्री पद पा सकते हैं। इस चर्चा पर न अपने को भरोसा हो रहा है और न यह तार्किक लगता है कि शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, अजित पवार, छगन भुजबल आदि जिन नेताओं के भ्रष्टाचार दलदल को भाजपा ने महाराष्ट्र में मुद्दा बनाया उसे आगे साझेदार का रोल मिलेगा। 

पर कुछ न कुछ खिचड़ी पक रही है। एनसीपी के नेताओं को सरकारी एजेंसियों ने ऐसा बुरी तरह फंसा दिया है कि शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल एंड पार्टी लगभग सरकार की ऑक्सीजन पर है। मामूली बात नहीं जो गुजरात के राज्यसभा चुनाव में प्रफुल्ल पटेल ने यह साबित करने की भरपूर कोशिश की कि वे अहमद पटेल के साथ नहीं है। एक ही विधायक को ले उड़े। कोई कल्पना नहीं कर सकता कि शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल आज इतने लाचार है कि अहमद पटेल और कांग्रेस से दूरी बनाएं। वह भी इस तरह की विश्वास में लेते हुए ऐन वक्त पर धोखा दे। 

पर प्रफुल्ल पटेल, अजित पवार, छगन भुजबल आदि नेताओं के ऐसे-ऐसे मामले खुले हुए है कि इनके पास सरेंडर के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है। पिछले छह महीनों में प्रफुल्ल पटेल केंद्रीत ऐसी जांच शुरू हुई है कि जिसे यदि अंतिम परिणती में मोदी सरकार पहुंचाएं तो भूचाल आ जाए।

तभी पहले अपनी थीसिस थी कि लालू यादव से लेकर प्रफुल्ल पटेल आदि पर जांच एजेंसियों के फोकस होने का अर्थ वह तैयारी है जिसके आधार पर 2018-19 में नरेंद्र मोदी-अमित शाह जनता में यह नैरेटिव बनाएगे कि देखों विपक्ष की असलियत। कितना भ्रष्ट है विपक्ष। इस शोर और घेरेबंदी में तब न तो विरोधी पार्टियों में एकजुटता बनती, न ये 2019 का चुनाव साझे में, एलायंस बना कर लड़ पाते और न सरकार के खिलाफ प्रचार का हल्ला बोल हो पाता। 

मतलब ठीक वही स्थिति जो अभी गुजरात के विधानसभा चुनाव में दिखलाई दी। मतलब न केवल प्रिंसिपल विरोधी पार्टी को, उसके विधायकों को जान बचाने के लाले पड़े बल्कि एनसीपी और जनता दल यू भी कांग्रेस से छिंटक भाग खड़े हुए। 

सो चुनाव तैयारी में या तो जोड़ों या तोड़ों। नीतीश को जोड़ लिया, अन्नाद्रमुक जुड़ेगा और एनसीपी भी जुड़ती है तो भाजपा को एक फायदा यह होगा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना को औकात दिखाने के लिए एनसीपी से एलायंस का भाजपा के पास विकल्प होगा। एनसीपी यदि भाजपा से जुड़ती है तो महाराष्ट्र में कांग्रेस अकेली पड़ेगी। शिवसेना भी अकेले चुनाव लड़ेगी। तब मजे से भाजपा अपनी आंधी को दोहरा देगी। महाराष्ट्र का सियासी भूगोल बदल जाएगा। 

जाहिर है नरेंद्र मोदी-अमित शाह ने देश के सियासी भूगोल को बदलने का जो रोडमैप बनाया हुआ है उसमें एनसीपी यदि एनडीए में शामिल होती है तो वह एक ऐसी बुनियादी बात होगी जिसमें भाजपा के चरित्र परिवर्तन का कांग्रेसी खून भी हमेशा के लिए गहरा और स्थाई बनेगा। 

कल्पना करें कि महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी साथ मिल कर चुनाव लड़े। शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल या तमिलनाडु के वे तमाम चेहरे भाजपा के पोस्टर में हो जिनसे भाजपा-संघ का कोर कार्यकर्ता कभी यह सोच नफरत करता था कि ये कैसे लोग है! वे जब पार्टनर होंगे तो क्या फील होगी? उत्तर भारत के भगवा मिजाज में तमिलनाडु के जयललिता अनुयािययों को ले कर भी पुरानी फीलिंग है तो शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल या नीतीश कुमार की सेकुलर टोपी से ले कर उत्तराखंड- उत्तरप्रदेश के कांग्रेसी दलबदलू मंत्रियों का भी खून हिंदू राष्ट्रवादियों के ब्लड ग्रुप से मैच नहीं करता। जबकि अब शंकरसिंह वाघेला भी भाजपा के साथ खड़े दिख रहे है तो जगनमोहन और प्रफुल्ल पटेल भी संभावी साझेदार है। 

सो एक मसला भाजपा-संघ परिवार के चाल, चेहरे, चरित्र का है और दूसरा जनता में धारणाओं का है। मतलब यह सब होगा तो जनता भी सोचेगी इन सबके सौ खून माफ और इसके बाद भी भाजपा यदि कांग्रेस, लालू यादव, मायावती, ममता को भ्रष्ट कह रही है तो क्या मतलब है! 

इसलिए एनसीपी के एनडीए में शामिल होने की अटकल बहुत चौंकाने वाली है। लगता है नरेंद्र मोदी-अमित शाह ने सोचा है कि वे तो अब गंगा है। इसमें कितने ही गंदे नाले आ जुड़े, जनता उन्हें गंगा मैया की तरह पूजेगी। वे गंगा नाम में डुबकी लगाए रहेगी भले चौतरफा बदबू क्यों न हो। यही राजनीति में जीने का, देश की गंगा को स्थाई बनाने का नुस्खा है।

Tags: , , , , , , , , , , , ,

483 Views

बताएं अपनी राय!

हिंदी-अंग्रेजी किसी में भी अपना विचार जरूर लिखे- हम हिंदी भाषियों का लिखने-विचारने का स्वभाव छूटता जा रहा है। इसलिए कोशिश करें। आग्रह है फेसबुकट, टिवट पर भी शेयर करें और LIKE करें।

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

आगे यह भी पढ़े

सर्वाधिक पढ़ी जा रही हालिया पोस्ट

भारत ने नहीं हटाई सेना!

सिक्किम सेक्टर में भारत, चीन और भूटान और पढ़ें...

बेटी को लेकर यमुना में कूदा पिता

उत्तर प्रदेश में हमीरपुर शहर के पत्नी और पढ़ें...

पाक सेना प्रमुख करेंगे जाधव पर फैसला!

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय और पढ़ें...

अबु सलेम को उम्र कैद!

कोई 24 साल पहले मुंबई में हुए और पढ़ें...

© 2016 nayaindia digital pvt.ltd.
Maintained by Netleon Technologies Pvt Ltd