पीके और पवन वर्मा क्या करेंगे?

यह यक्ष प्रश्न है, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है कि जनता दल यू के दो नेता- प्रशांत किशोर और पवन कुमार वर्मा कहां जाएंगे? बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के नेता नीतीश कुमार ने कह दिया है कि उन्हें जहां जाना है, जाएं उनको शुभकामना है। पर दोनों अभी कहीं नहीं जा रहे हैं। पवन वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक खुली चिट्ठी लिखी है, जिसमें नागरिकता कानून और दूसरे मुद्दों पर अपनी विचारधारा स्पष्ट करने को कहा गया है। ऐसा लग रहा है कि वे अभी अपनी चिट्ठी के जवाब का इंतजार करेंगे और अगर जवाब नहीं आया तो दूसरी चिट्ठी भी लिखेंगे। उसके बाद वे कोई फैसला करेंगे या पार्टी कार्रवाई करती है तो उनके लिए फैसला और आसान हो जाएगा।

जहां तक प्रशांत किशोर का सवाल है तो वे दिल्ली में नीतीश कुमार को मिले बंगले में बैठ कर ही चुनावी रणनीति पर काम करते रहे हैं। हाल तक उनका ठिकाना वहीं था। उनका चमत्कार यह है कि वे जदयू में रहते हुए भी तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, वाईएसआर कांग्रेस आदि के लिए काम करते रहते हैं। इसलिए उनके बारे में अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल है कि वे कहीं जाएंगे या जदयू में ही रहेंगे। फिर भी अगर पवन वर्मा और प्रशांत किशोर पर जदयू कार्रवाई करती है तो पहली संभावना इस बात की है कि ये दोनों नेता कांग्रेस के साथ जुड़ेंगे। तृणमूल कांग्रेस भी एक संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares