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डायरी में दूसरी एंट्री पर तब क्या?

ऐसा नहीं है कि 2011 में आय कर विभाग के छापे में संदेसरा समूह की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक से मिली डायरियों में सिर्फ अहमद पटेल और उनके बेटे या दामाद का नाम है। इसमें कई और बड़े लोगों के नाम दर्ज हैं। स्टर्लिंग की डायरी में दर्ज एक नाम सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना का भी बताया जा रहा है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति को चुनौती भी दी गई थी। 

आठ नवंबर को स्वराज अभियान के नेताओं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसमें बड़ा खुलासा किया। नोटबंदी की पहली सालगिरह को काला धन विरोधी दिवस मनाने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए स्टर्लिंग बायोटेक की डायरी का हवाला दिया। योगेंद्र यादव ने बताया कि स्टर्लिंग की डायरी में राकेश अस्थाना या अस्थाना सर के नाम से कई एंट्री है और उनको नकद पैसे दिए जाने का जिक्र है। 

योगेंद्र यादव ने डायरी के पन्ने जारी किए, जिसमें एंट्री साफ तौर पर लिखी हुई दिख रही है। योगेंद्र यादव का कहना है कि 2011 के मध्य में कई बार राकेश अस्थाना को पैसे दिए गए। कुल मिला कर उनको तीन करोड़ 60 लाख रुपए दिए जाने का जिक्र है।  प्रशांत भूषण का कहना है कि डायरी में जिस राकेश अस्थाना का जिक्र है, वे सीबीआई के विशेष निदेशक ही हैं। 

इस आधार पर प्रशांत भूषण ने सीबीआई में उनकी नियुक्ति और प्रमोशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। भूषण का कहना था कि आय कर विभाग के जिन अधिकारियों ने गड़बड़ी की है या जिन्होंने संदेसरा समूह पर छापा मारा था, उनकी जांच सीबीआई कर रही है। इसमें अस्थाना का भी नाम है इसलिए विशेष निदेशक पद पर उनकी नियुक्ति को रद्द किया जाए। पर सुप्रीम कोर्ट ने सारी दलीलों को खारिज करके उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। सवाल है कि जिस डायरी के आधार पर एक व्यक्ति के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का आधार नहीं बनता है, उसी डायरी के आधार पर दूसरे व्यक्ति के खिलाफ कैसे कार्रवाई हो सकती है। पर दूसरे व्यक्ति यानी अहमद पटेल के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। 

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