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अब कमजोर बसपा पर भी मजबूत भाजपा

भोपाल। शून्य से शिखर पर पहुंची भाजपा राजनीतिक समीकरणों को साधने में कितनी माहिर है, बसपा के मजबूत और कमजोर दौर में भाजपा ने अपनी अनुकूलता बनाई। अब तक यह माना जाता था कि जहां – जहां बसपा मजबूत होगी कांग्रेस को नुकसान होगा और भाजपा को फायदा होगा लेकिन उत्तर प्रदेश के चुनाव में बसपा के कमजोर होने पर भी भाजपा को फायदा हुआ और अब यही प्रयोग पूरे देश में किया जाएगा। आज अंबेडकर जयंती से इसका आगाज हो रहा है।

दरअसल, राजनीति में हर चुनाव की अलग तासीर होती है और जो भी दल या नेता इसको समझ पाता है वही चुनाव जीता है और जो नेता या दल पिछले पैटर्न पर चुनाव जीतने की उम्मीद पाले रहता है उसे हार का सामना करना पड़ता है। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा किस तरह से परिस्थितियों को अनुकूल बनाती है और किसी भी परिस्थिति में चुनाव जीतने की रणनीति राजनीतिक क्षेत्र में काम करने वालों के लिए शोध का विषय हो सकता है। एक तरफ जहां जय श्री राम का नारा घर-घर में पहुंचा दिया गया जिसके कारण इस बार पूरे देश में रामनवमी का त्यौहार कुछ अलग ही अंदाज में मनाया गया और बदले अंदाज के चलते देश के 7 राज्यों में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की घटनाएं भी हुई और भाजपा को भविष्य में हार्डकोर हिंदुत्व को आगे बढ़ाने में मदद भी मिल सकती है लेकिन भाजपा किसी एक मुद्दे के भरोसे नहीं रहती और अब वह है तेजी से पूरे देश में दलित दांव चलने की कोशिश में है।

उत्तर प्रदेश में बसपा के कमजोर होने से पार्टी ने अधिकांश दलित वोटरों को हासिल करने में सफलता हासिल की है और इसी से उत्साहित होकर भाजपा पूरे देश में अंबेडकर जयंती को सामाजिक सेवा सप्ताह के रूप में आज से मनाने जा रही हैं।
बहरहाल, देश के साथ साथ प्रदेश में अभी भाजपा अंबेडकर जयंती को बनाने की पिछले एक पखवाड़े से तैयारी कर रही है। उसके पीछे पार्टी नेताओं का तर्क है के संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ चुके हैं और उस दिन उन्होंने सुबह-सुबह जय भीम ट्वीट करके अपने आगे के इरादे जाहिर कर दिए थे।

भाजपा ने आज से 20 अप्रैल तक प्रदेश में सेवा सप्ताह मनाने का निर्णय लिया है जिसमें दलितों के घर जाकर कार्यकर्ता उनसे मिलेंगे। इन मोहल्लों में साफ सफाई अभियान चलाएंगे। ऐसे 7 प्रकार के कार्यक्रम बनाए गए। जिससे वर्ग को जोड़ने में सुविधा हो सके क्योंकि उत्तर प्रदेश में बसपा के कमजोर पडने का असर तेजी से मध्यप्रदेश पर पड़ेगा। प्रदेश में यह वर्ग वापस से कांग्रेसमें ना जुड़ जाए इसके लिए भाजपा हर जतन कर रही है। भाजपा के इन प्रयासों ने उन समीकरणों का पिरामिड भी उल्टा कर दिया है। जिसमें राजनीतिक तौर पर यह माना जाता था जहां जहां बसपा मजबूत होगी वह कांग्रेस पार्टी को नुकसान करेगी और भाजपा को फायदा होगा लेकिन अब उत्तर प्रदेश की तरह जहां जहां बसपा कमजोर होगी वहां वहां भाजपा को फायदा होगा क्योंकि पार्टी इस वर्ग के मतदाताओं को जोड़ने के लिए तेजी से अभियान चलाए हुए हैं।

कुल मिलाकर अंबेडकर जयंती के बहाने भाजपा सेवा सप्ताह चलाकर बड़ा दलित दांव खेलने जा रही है। जिससे कि मिशन 2023 में उन सीटों पर पार्टी को जीत हासिल हो सके जिन सीटों पर दो हजार अट्ठारह पराजय का सामना करना पड़ा था।

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