amit shah jabalpur visit आदिवासी जोड़ो अभियान का आगाज करेंगे अमित शाह
गेस्ट कॉलम | देश | मध्य प्रदेश| नया इंडिया| amit shah jabalpur visit आदिवासी जोड़ो अभियान का आगाज करेंगे अमित शाह

आदिवासी जोड़ो अभियान का आगाज करेंगे अमित शाह

congress party political crisis

प्रदेश में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को आदिवासियों का समर्थन जरूरी होता है क्योंकि लगभग 47 सीटों पर इस वर्ग का प्रभाव है यही कारण है कि प्रदेश के दोनों ही दल आदिवासियों को जोड़ने के लिए प्रयासरत रहते हैं इसी सिलसिले में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह आज जबलपुर में आदिवासियों के बीच लंबा समय बिताएंगे। amit shah jabalpur visit

दरअसल प्रदेश में मालवा अंचल और महाकौशल क्षेत्र में आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या है मालवांचल के झाबुआ अलीराजपुर धार तरफ आदिवासियों के बीच जयस संगठन का भी प्रभाव है इसी क्षेत्र में कांग्रेस भी सकती है और पिछले प्रदर्शन भी कर चुकी हे लेकिन महाकौशल क्षेत्र का इलाका जिसमें जबलपुर और शहडोल संभाग की 21 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है और लगभग 50 सीटों पर आदिवासी निर्णायक स्थिति में है और इस क्षेत्र में अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का पहले जैसा प्रभाव भी नहीं रहा है यही कारण है कि भाजपा इस क्षेत्र के आदिवासियों को पार्टी से जुड़ने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

बहरहाल आज 18 सितंबर को जबलपुर में आदिवासी सम्मेलन होने जा रहा है जिसमें देश के गृहमंत्री अमित शाह विशेष रूप से आ रहे हैं और शाह जनजातीय समाज जोड़ो अभियान का प्रारंभ कर गे आदिवासियों के लिए यह दिवस महत्वपूर्ण होता है क्योंकि गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह का यह बलिदान दिवस है अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह करने पर शंकर शाह और रघुनाथ शाह को 18  58 में तोप से उड़ा दिया गया था इन शहीदों की बलिदान गाथा को 5 दिन तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए हाईलाइट किया जा रहा है पार्टी का पूरा फोकस आदिवासियों को पार्टी से जुड़ने पर है इसके लिए सत्ता और संगठन ने पूरी ताकत झोंक दी है प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कार्यसमिति मैं पदाधिकारियों के साथ बूथ स्तर तक पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की रणनीति बनाई है।

Read also समीकरणों को साधने सक्रिय भाजपा

Read also राज्यसभा: दावेदारों की दिल्ली दस्तक

महाकौशल क्षेत्र के मंडला डिंडोरी बालाघाट छिंदवाड़ा नरसिंहपुर शहडोल अनूपपुर और उमरिया में आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या है और इस वर्ग में वेट बढ़ाने के लिए पार्टी शंकर शाह रघुनाथ शाह के बलिदान को आदिवासी स्वाभिमान से जुड़े गी क्योंकि पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि आदिवासी स्वाभिमान के साथ जिधर जुड़ जाएंगे उधर सरकार बन जाएगी 20 18 के विधानसभा चुनाव में आदिवासी सीटों पर भाजपा को नुकसान हुआ था और 47 सीटों में से केवल 16 पर ही जीत मिली थी जबकि 2013 में 31 सीटें भाजपा ने जीती यही कारण है कि पार्टी आदिवासियों को हर हाल में जोड़ना चाहती है जिससे 2023 में प्रदेश में सरकार बनाने के लिए मदद मिल सके और उसके पहले प्रदेश में कभी भी घोषित हो सकते खंडवा लोक सभा और जोबट रैगांव एवं पृथ्वी पर विधानसभा के उपचुनाव में भी आदिवासी वोटों के सहारे पार्टी को जीत मिल सके वैसे तो कांग्रेसी भी पूरा फोकस आदिवासी क्षेत्रों पर बनाए हुए हैं कुछ दिन पहले आदिवासी अधिकार यात्रा निकाली थी और बड़वानी में कमलनाथ में हिस्सा लिया था और आज जब अमित शाह जबलपुर आ रहे हैं तब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी जबलपुर पहुंच रहे हैं और वे शहीद शंकर सहाय और रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि देने जाएंगे दिग्विजय के साथ कांग्रेस के आदिवासी नेता भी रहेंगे।

कुल मिलाकर आज का दिन आदिवासियों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है आदिवासी बलिदान शहीदों को श्रद्धांजलि देने भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता जबलपुर पहुंच रहे हैं लेकिन भाजपा के सत्ता और संगठन ने जो जमीनी तैयारी की है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जो अधिकतम समय दे रहे हैं उसके कारण भाजपा की इस वर्ग को जोड़ने की गंभीरता मानी जा रही है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
BJP के पूर्व सांसद Babul Supriyo ने लोकसभा से दिया इस्तीफा, कहा- दुखी हूं क्योंकि भाजपा से शुरू किया था सफर
BJP के पूर्व सांसद Babul Supriyo ने लोकसभा से दिया इस्तीफा, कहा- दुखी हूं क्योंकि भाजपा से शुरू किया था सफर