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एक हैं बाबूलाल जिसने हिला दी पूरी कांग्रेस

चैतन्य भट्ट

एक बाबूलाल मध्य प्रदेश की राजनीति में पहले भी रहे हैं जिन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत पूरे देश में पब्लिसिटी पाई थी, लोगो ने उनका नाम बुलडोजर मंत्री रख दिया था अब एक और बाबूलाल का अचानक से कांग्रेस की राजनीति में उदय हो गया ये है बाबूलाल चौरसिया जी।

चार छह दिन पहले तक कोई नहीं जानता था कि बाबूलाल चौरसिया जी किस बला का नाम हैं पर एक हफ्ते में ही बाबूलाल चौरसिया जी के नाम से प्रदेश का बच्चा बच्चा वाकिफ हो गया है।

सूतिका ग्रहों में भी नवजात शिशु पैदा होने के बाद सबसे पहले रोने की बजाय बाबूलाल चौरसिया जी का नाम ले रहे हैं, ऐसी पब्लिसिटी जो राजनेताओं को लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी नसीब नहीं होती वो बाबूलाल चौरसिया जी ने फ्री फ़ोकट में हासिल कर ली, बुढ्ढे से दिखने वाले बाबूलाल चौरसिया ने ऐसी चाल चली कि पूरी प्रदेश कांग्रेस हिल सी गयी, दो फाड़ हो गए ।

अभी तक कमलनाथ के खिलाफ एक शब्द भी न बोलने वाले अनेक कांग्रेसी नेताओ ने खुले आम कमलनाथ के खिलाफ विद्रोह का शंखनाद कर दिया और ये सब हुआ बाबूलाल चौरसिया जी की कांग्रेस में अचानक हुई एंट्री से l दरअसल बाबूलाल चौरसिया जी गोडसे को भगवन मानने वाली पार्टी हिन्दू महासभा के मेंबर थे बाकायदा उन्होंने ग्वालियर में गोडसे की मूर्ति पूजा के कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और हिन्दू महासभा के टिकिट पर वे पार्षद भी चुन लिए गए थे पर अचानक क्या खिचड़ी पकी बाबूलाल चौरसिया जी ने कांग्रेस में प्रवेश ले लिया और वो भी पूरे तामझाम के साथl पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया और उनको कांग्रेस का आदमी घोषित कर दिया, इधर बाबूलाल चौरसिया जी ने कांग्रेस के दरवाजे खोलकर उसके अंतःपुर में कदम रखे ही थे कि कांग्रेस के नेता अरुण यादव और मानक अग्रवाल ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल लिया कमलनाथ से सवाल करने लगे कि वे बताये कि वे गोडसे के साथ है या गाँधी के साथ, बेचारे बाबूलाल चौरसिया जी चीख चीख कर कह रहे है कि उनकी आस्था गाँधी में थी और रहेगी, वे भूलवश हिन्दू महासभा में चले गए थे लेकिन ये नेता मानने तैयार नहीं हैं,

अरे भाई विद्रोह नेताओ राजनीति में कब से सिद्धांत, शुचिता, ईमानदारी की बातें होने लगीं कब कौन कंहा चला जाए, कब कौन किसकी गोद में बैठ जाए, कब किसकी अंतरात्मा जाग जाए ये तो ऊपर वाला भी नहीं जानता, कल तक जो कांग्रेसी बीजेपी को पानी पी पी कर कोसते थे वे आज बीजेपी के गुन गाते गाते नहीं थक रहे हैं है कल तक अब माफ़ करो महाराज अबकी बार शिवराज कहते थे वे महाराज और शिवराज एक दुसरे के साथ गलबहियां डाले घूम रहे हैं इसलिए यदि बाबूलाल जी का मन पलट गया है उनकी अंतरात्मा यदि फिर से अपने घर लौट कर आने के लिए बेताब है तो आने दो, वैसे भी कांग्रेस में कोई आये कोई जाए उसको कोई फर्क ही कँहा पड़ता है अपनी तो इन दोनों नेताओ को सलाह है कि जाकर बाबूलाल चौरसिया को गले से लगा लो उसीमें फायदा है वैसे भी सुबह का भूला शाम को घर आ जाये तो उसे भूला नहीं कहते कोरोना और तेंदुआ एक जैसे ही है।

देश भर में कोरोना और जबलपुर में तेंदुआ, तकरीबन एक जैसी हरकत करते हैं जैसे कोरोना से पूरा देश हलकान हैं वैसे ही तेन्दुए और उसकी फैमिली से जबलपुर के कई इलाके हलकान हैं जैसे कोरोना से बचने के लिए एडवायजरी जारी हो रही थी वैसी ही वन विभाग वाले तेंदुए से बचने के के लोगो को एडवायजरी जारी कर रहे थे, जैसे कोरोना के लिए वेक्सीन बना ली गयी थी वैसी ही तेन्दुए और उसके परिवार को कब्जे में लेने के लिए कैमरों और पिंजरे की व्यवस्था की गयी थी, जैसे कोरोना से लोग बाग़ डर रहे थे वैसे ही तेंदुए से उस इलाके के लोग बाग़ डर रहे थे, जैसे कोरोना के कारण नाइट कर्फ्यू लगाया गया था वैसा ही नाईट कर्फ्यू तेंदुए के लिए भी लगाया जा रहा थाl जैसे कोरोना के आने जाने का कोई भरोसा नहीं था, वैसे ही तेंदुए और उसके फॅमिली के आने जाने का कोई भरोसा नहीं था,

जैसे बीच में ऐसा लगा कि अब कोरोना ख़त्म हो गया है वापस चीन चला गया है वैसे ही तेंदुए के बारे भी लगा कि वो भी अपनी फेमिली को लेकर वापस जंगल चला गया है, जैसे लोग कोरोना को लेकर निश्चिन्त हो गये थे वैसे ही तेंदुए को लेकर लोग निश्चिन्त हो गये थे लेकिन जैसे ही कोरोना ने फिर एक बार अपना सर उठाया है वैसे ही एक बार फिर उन इलाकों में तेंदुए ने अपनी आमदरफ़्त शुरू कर दी है, अपने को तो लगता है ये कोरोना और तेंदुआ जुड़वां भाई है जैसे हिंदी फिल्मों में मेले में भाई बिछड़ जाते थे वैसे ही ये भी बिछड़ गए होंगे और अब उन्हें पता चल गया है कि वे भाई भाई है तो दोनो एक साथ एक्टिविटीज कर रहे है देखना ये है कि इनकी उछल कूद कब तक चलने वाली है सुपरहिट ऑफ़ द वीक श्रीमान जी दारू पीकर आये और बोले यदि मेरे हाथ में सरकार होती तो मैं देश की तकदीर बदल देता पहले अपना पजामा तो बदल ले करमजले, सुबह से मेरी सलवार पहन कर घूम रहा है।

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