सदन में सामना और सहमति के प्रयास

दरअसल, सदन के अंदर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष को अच्छा अवसर माना जाता है। वहीं सरकार के लिए अपनी उपलब्धियों का बखान करने का भी बेहतर मंच माना जाता है।

सत्तारूढ़ दल जहां राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को सदन के माध्यम से जन – जन तक पहुंचाने का प्रयास करता है। वहीं विपक्षी दल राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की कमजोर कड़ी की तलाश करके उसको सदन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता है। यही कारण है दोनों दलों ने अपने – अपने दल की बैठक में विधायकों की तैयारियां करवाई।

बहरहाल, सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक दल की बैठक में विधानसभा के अंदर विपक्षी दल कांग्रेस का डटकर मुकाबला करने को विधायकों को कहा गया। सरकार की उपलब्धियों को बताकर विपक्षी दल के सवालों का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए कहा गया। साथ ही नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के लिए विधायकों को जो भी समस्याएं उनका हल सत्र के दौरान करा लेना चाहिए।

वहीं विपक्षी दल कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण में कमियां गिनाते हुए विधायकों से उन मुद्दों को उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभी भाषण में जनहित के मुद्दों को कमी रही। आज का युवा वर्ग समझदार है और वह अब राष्ट्रीय नहीं बल्कि स्थानीय मुद्दों पर महत्त्व देता है।

मैं 24 तारीख को राज्यपाल के अभिभाषण का जवाब दूंगा 3 मार्च को युवा कांग्रेस विधानसभा का घेराव करेगी। सभी विधायकों को सदन में तैयारी के साथ आना है। कुल मिलाकर सत्तारूढ़ भाजपा और और विपक्षी दल कांग्रेस में जहां अपने – अपने विधायकों को सदन में तैयारी के साथ आने के लिए जरूरी टिप्स दिए। वहीं भाजपा ने सदन के साथ-साथ नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी संबंधी बातें भी रखें। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेलों को बढ़ावा देने की बात करते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्टेडियम बनाने की बात भी कही।

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