nayaindia Girl marriage social harmony सामाजिक समरसता का मिसाल बना कन्या विवाह
गेस्ट कॉलम | देश | मध्य प्रदेश| नया इंडिया| Girl marriage social harmony सामाजिक समरसता का मिसाल बना कन्या विवाह

सामाजिक समरसता का मिसाल बना कन्या विवाह

भोपाल। संपूर्ण गीता का निचोड़ यही है कि किया हुआ व्यर्थ जाता नहीं और किए बिना कुछ मिलता नहीं। अच्छा करोगे तो अच्छा मिलेगा और बुरा करोगे तो बुरा मिलेगा। यह बात एक बार फिर गढ़ाकोटा में सामूहिक कन्या विवाह के दौरान चरितार्थ हुई जब 19वें आयोजन के लिए मंत्री गोपाल भार्गव को चारों ओर से बधाई और शुभकामनाएं मिलीं। यह आयोजन सामाजिक समरसता का प्रतीक तो बना ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लिए स्वाभिमान का भी प्रतीक बन गया, क्योंकि इसी प्रकार के आयोजन में मंत्री गोपाल भार्गव ने अपने एकलौते बेटे और बेटी का भी विवाह किया था और तब से सामूहिक कन्या विवाह में अपने बच्चों का विवाह कराना एक तरह से गौरवपूर्ण माना जाने लगा। कार्यक्रम से अभिभूत होकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मंत्री गोपाल भार्गव और उनकी टीम इस कार्य के लिए बधाई की पात्र है और जिस दिन 21000 कन्याओं के विवाह भार्गव कर चुकेंगे उस दिन उनका नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। अब तक भार्गव 19000 कन्याओं के विवाह कर चुके हैं।

दरअसल, भाजपा और खासकर संघ लगातार हिंदू एकता के लिए प्रयास करता रहा है जिसमें जातिवाद को समाप्त किया जा सके। इसके लिए संघ एक कुआं एक पाठशाला, एक मंदिर और एक मंडप की बात करता रहा है और गढ़ाकोटा में 19 में सामूहिक कन्या विवाह के दौरान मूल भावना चरितार्थ होती दिखी जब एक मंच पर विभिन्न जातियों के दूल्हा – दुल्हन जोड़े से बैठे थे और एक साथ परिणय सूत्र में बंध रहे थे। अब सामूहिक कन्या विवाह में अपने बच्चों का विवाह कराना गौरवान्वित भी करने लगा है क्योंकि ऐसे ही सामूहिक कन्या विवाह के आयोजन में मंत्री गोपाल भार्गव ने अपने इकलौते बेटे और बेटी का विवाह किया था। उस दौरान भी सभी जातियों के दूल्हा – दुल्हन मंडप के नीचे थे। गुरुवार को गढ़ाकोटा में जब 19वें सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन संपन्न हो रहा था तब इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल ने न केवल इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की वरन उन्होंने यह भी घोषणा की कि जब गोपाल भार्गव 21,000 कन्याओं के विवाह कर चुके होंगे तब भार्गव का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।

बहरहाल, आज जब प्रदेश और देश में जाति के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश हो रही है तब गोपाल भार्गव की एक कोशिश समाज को एकजुट करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है क्योंकि ऐसे ही आयोजन से जातिवाद की दीवारें टूटती है और सामाजिक समरसता बढ़ती है। अब तक 19000 कन्याओं के विवाह करा चुके गोपाल भार्गव की सूची में सभी जातियों के दूल्हा – दुल्हन देखे जा सकते हैं। यही नहीं जब यह आयोजन 19 वर्ष पहले उन्होंने शुरू किया था तब किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि एक दिन यह आयोजन प्रदेश और देश में मिसाल बनेगा। आयोजन के माध्यम से गोपाल भार्गव एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी के संबंध भी स्थापित करते हैं जब विवाहित जोड़े के यहां बच्चे होते हैं तब वहां लड्डू और गनता का कार्यक्रम भी आयोजित करवाते हैं।

मंत्री गोपाल भार्गव की तरह उनके बेटे अभिषेक भार्गव भी इसी तरह के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर रुचि लेते हैं और कार्यक्रम को संपन्न बनाने में साथियों सहित महीनों में न करते हैं क्योंकि जिस किसी परिवार में एक शादी होती है उसे पता होता है कि कितनी मेहनत और कितना इंतजाम करना पड़ता है और यहां 800 शादियां हुई है तो इसके लिए कितनी मेहनत हुई होगी यह आसानी से समझा जा सकता है।

सामाजिक सरोकारों से जुड़े और हमेशा आम आदमी के बारे में निस्पृह भाव से सोचने वाले गोपाल भार्गव सुख दुख में क्षेत्रवासियों के साथ हमेशा बिना किसी भेदभाव के खड़े रहते हैं। कोरोना काल में उनके द्वारा की गई मदद पूरे देश में सराही गई और कन्या विवाह तो जैसे सामाजिक समरसता का मिसाल बन ही चुका है।

वैसे कहा जाता है कि राजनीति तोड़ती है धर्म जोड़ता है लेकिन गोपाल भार्गव जैसे राजनीतिज्ञ जहां हैं वहां राजनीति भी समाज को जोड़ने का जरिया बन जाती है। भाजपा सरकार भी कुछ ऐसी योजनाएं चला रही है जिससे बिना किसी भेदभाव के समाज को जोड़ा जा सके जिसमें “लाडली लक्ष्मी योजना” और “सामूहिक कन्या विवाह” “संबल योजना” प्रमुख रूप से है।

कुल मिलाकर समाज प्रदेश और देश में तरक्की एवं सुख शांति के लिए जरूरी है कि सामाजिक समरसता का वातावरण बनाया जा सके और इसके लिए राजनीति से ऊपर उठकर भी सभी को प्रयास करना चाहिए। संघ भी यह समझता है केवल धर्म के आधार पर ध्रुवीकरण होने से हिंदू समाज एकजुट और मजबूत नहीं हो सकता। उसके लिए इसी तरह के सामाजिक आयोजनों की जरूरत है जिससे कि सबका साथ सब के विकास की अवधारणा भी पूरी हो सके।

गढ़ाकोटा में 19वें सामूहिक कन्या विवाह के दौरान मंच पर सामाजिक समरसता की मिसाल देखने को मिली। जिस मंच पर ब्राह्मण, लोधी, ठाकुर, कुर्मी, कुशवाहा, आदिवासी, दलित सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे और सभी जातियों के बेटे – बेटियों की शादी हो रही थी एक मंडप के नीचे ऐसे ही आयोजनों से एक कुआं एक पाठशाला और एक मंदिर की अवधारणा भी मजबूत हो सकती है।

विवाह के साथ ही 19 निकाह भी हुए
मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण एवं कुटीर ग्रामोद्योग विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव जी ने अपने गृह नगर गढाकोटा में सामाजिक समरसता का ऐतिहासिक उन्नीसवां सामूहिक विवाह समारोह आयोजन किया। इस गरिमामय कार्यक्रम में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल जी ने मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित होकर परिणय सूत्र में बंधे वर-वधु को शुभाशीर्वाद दिया। इस विवाह समारोह में 1100 वर-वधु परिणय सूत्र में बँधे। सामाजिक समरसता के साथ इस आयोजन में एक मंडप तले जहां विवाह के सात फेरे हुए वही 19 निकाह भी हुए। विवाह और निकाह के पूर्व नगर के प्रमुख मार्गों से शाही बारात निकलकर गोपालजी परिसर स्थित स्टेडियम पहुँची, जहाँ पर विभिन्न प्रकार की ठंडे पेय पदार्थों से घराती बराती एवं अतिथियों का स्वागत किया गया साथ ही रूचिकर भोजन भी कराया गया। शासन योजना अंतर्गत प्रत्येक जोड़े को जो उपहार सामग्री दी जानी थी वह तो दी गई, उसके अलावा मंत्री गोपाल भार्गव जी के द्वारा अनेको उपहार वर -वधु को दिये गये। इस 19 वें पुण्य विवाह में पूर्व मंत्री जयंत मलैया, पूर्व मंत्री श्रीमती ललिता यादव,पूर्व मंत्री नारायण कबीरपंथी, विधायक शैलेन्द्र जैन, विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी, विधायक अजय टंडन, पूर्व विधायक राहुल लोधी, पूर्व विधायक श्रीमती सुधा जैन, पूर्व विधायक धरमू राय, पूर्व विधायक भानु राणा, पूर्व विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व विधायक लखन पटेल, पूर्व महापौर सागर अभय दरे, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेङे, कलेक्टर सागर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक तरुण नायक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत क्षितिज सिंघल सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद थे।

Leave a comment

Your email address will not be published.

twenty − 4 =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
‘सेकुलर’ अमेरिका में चर्च का दबदबा!
‘सेकुलर’ अमेरिका में चर्च का दबदबा!