पीछे हट नहीं सकते, आगे बढ़ नहीं पा रहे…

मध्य प्रदेश सियासी संग्राम में दोनों ही प्रमुख दलों कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की स्थिति कुआं खाई के बीच खड़े होने जैसी हो गई है अब नेता पीछे हट नहीं सकते और आगे बढ़ने के लिए कोई रास्ता नहीं है

जब तक सुप्रीम कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता हर दिन सुबह इंतजार होता है दोपहर तक आने वाले कल पर टल जाता है दोनों ही दलों के दावे सुनकर अच्छे-अच्छे भ्रमित हो जाते हैं विधायक भी इंतजार में बीमार होने लगे हैं भोपाल सीहोर और बेंगलुरु में विधायकों की खातिरदारी में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। दरअसल राजनीति में कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है

जहां पीछे हट नहीं सकते और आगे बढ़ने के लिए रास्ते दिखाई नहीं देते प्रदेश की राजनीति में समय जहां देखो वहीं ऐसी ही स्थिति दिखाई दे रही है जहां तक सत्ताधारी दल कांग्रेस की बात है तो उसके बागी 22 विधायक बैंगलोर में ठहरे हुए हैं और सत्ता की चाबी इन्हीं विधायकों की जेब मे है यही कारण है की सत्ताधारी दल की पूरी कोशिश है कि कैसे भी यह विधायक बेंगलुरु से भोपाल आ जाए इसके लिए अंतिम प्रयास के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में आठ मंत्री और विधायक बेंगलुरु में धरना दे रहे लेकिन विधायकों ने जिस तरह से वीडियो जारी करके एक बार फिर कांग्रेस पार्टी में लौटने से दो टूक शब्दों में इंकार कर दिया है

उसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी टीम भाजपा में कमजोर कड़ी तलाश ना तेज कर दिया है जिस प्रकार उन्होंने मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी की मांग पर मैहर को जिला बना दिया है इससे अब नारायण त्रिपाठी और शरद कौल एक बार फिर भाजपा के लिए मुसीबतें खड़ी कर सकते हैं ऐसे ही उस विधायकों की तलाश की जा रही है जोकि सरकार को बचाने में मदद कर सकें बदले में उन्हें जो भी विकास कराना हो उसके लिए सरकार तैयार है इसके लिए सरकार को समय चाहिए इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देरी कराने की पूरी कोशिश करेगी सरकार मैं गति आ गई है लगातार फैसले लिए जा रहे हैं

नियुक्तियां की जा रही है विधायक दल की लगभग हर दिन बैठते हो रही है और कैबिनेट की बैठक भी लगातार करके महत्वपूर्ण निर्णय जा रहे हैं। बुधवार शाम को विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जहां कर्नाटक मैं राज सभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को बागी विधायकों से नहीं मिलने देने की निंदा की निंदा प्रस्ताव भी पारित कराया गया वहीं उन्होंने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ कहां की हम भाजपा की साजिश और षड्यंत्र का पर्दाफाश करेंगे।

कमलनाथ का कांफिडेंस देखकर कांग्रेसी विधायकों का मनोबल तो बढ़ता ही है राजनीतिक समीक्षक भी भ्रमित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के नेता तनाव रहित देखने का प्रयास कर रहे हैं और वे तब तक अपने आप को निश्चिंत मान रहे हैं जब तक कांग्रेश के बागी 22 विधायक बेंगलुरु में ठहरे हुए हैं भाजपा ने अपने विधायकों को सीहोर के रिसोर्ट में ठहराया हुआ है और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा सुबह शाम जाकर विधायकों से मिल रहे हैं बुधवार को वहां पर क्रिकेट भी खेली गई जिसमें बीडी शर्मा की बॉल पर चौहान ने चौके छक्के लगाए वही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सीहोर के गणेश मंदिर में पूजा अर्चना की भाजपा नेताओं की निश्चिंता का एक कारण यह भी है कि अब ऑपरेशन लोटस की कमान राष्ट्रीय नेतृत्व ने अपने हाथों में ले ली है और सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है।

कुल मिलाकर चाहे कांग्रेस या फिर भाजपा या उनके विधायक या फिर बागी विधायक सभी इतने आगे बढ़ गए हैं कि अब पीछे हटने की हिम्मत नहीं हो रही और आगे का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही दिखाई देगा यही कारण है सरकार को लेकर सस्पेंस बरकरार है लेकिन कमलनाथ का कॉन्फिडेंस और भाजपा की निश्चिंत ता किसी को भी भ्रमित कर सकती है।

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