नशा बंदी से बुलंदी पाने की बेताबी
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नशा बंदी से बुलंदी पाने की बेताबी

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आज व्यक्ति और समाज में सबसे बड़ी समस्या नशा हो गई है कोई भी अछूता नहीं है जो नशा करने वालों से परेशान ना हो यही कारण है की नशाबंदी का विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं है बल्कि नशाबंदी लागू करने के लिए सभी अगवाई करना चाह रहे हैं। फर्क इतना है कि जो सत्ता में बैठे हैं उनके लिए राजस्व की चिंता है और जो सत्ता से बाहर है वे नशा का विरोध करके इस जन समर्थन जुटाने का मौका नहीं छोड़ रहे। prohibition campaign uma bharti

दरअसल जहां  नशा है वहां विनाश है इसमें किसी को कोई शक नहीं है और नशा जब दिन और रात का होने लगे तब उस व्यक्ति और परिवार का बुरा हाल हो जाता है और इस समय प्रदेश में यही हालात है नशे के कारण अपराध बढ़ रहे हैं आत्महत्या हो रही है परिवार टूट रहे हैं यहां तक की अवसाद मैं युवा वर्ग जा रहा है इस समस्या से समाज छट पटा रहा है। कोई भी नशे के खिलाफ आवाज उठाता है तो उम्मीद दिखाई देने लगती है शायद नशा बंदी लागू हो जाए और परिवार शांति से जीवन जी पाए इस दर्द को तमाम जिम्मेदार लोग समझते हैं लेकिन अगुवाई करने में हिचकिचाते हैं सरकार में बैठे लोगों को राजस्व की चिंता है तो कुछ लोगों को शराब उत्पादन करने वाले मैनेज कर लेते हैं नासूर बन चुका नशा अब जीवन का नाश करने लगा है ऐसे में सभी को एक साथ नशे के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए।

Uma Bharti BJP MP

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बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री उमा ने भारती नशा छोड़ो घर जोड़ो महा अभियान प्रदेश में 15 जनवरी से शुरू करने का ऐलान किया है इसके पहले भी वे 2 फरवरी को घोषणा कर चुकी थी कि महिला दिवस से नशा मुक्ति अभियान शुरू किया जाएगा इस कारण अभी भी यह दुविधा है कि वे 15 जनवरी से या अभियान शुरू करेंगी या फिर कोरी घोषणा रह जाएगी वैसे तो उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान पुरजोर तरीके से कहा है कि 14 जनवरी को गंगा यात्रा पूरी करने के बाद भी 15 जनवरी से शराबबंदी के लिए सड़क पर उतरेंगी उन्होंने यह भी कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा का भी मानना है कि जन जागरूकता से शराबबंदी होगी लेकिन मैं कहती हूं यह बिना लठ्ठ के संभव नहीं है शराबबंदी मेरी आत्मा में है जैसे मैं करके रहूंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अलग से बताऊंगी राजस्व बिना शराब के कैसे बढ़ सकता है इसके दूसरे विकल्प बनाकर मध्यप्रदेश में शराबबंदी की जा सकती है उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुष्कर्म छेड़खानी और बीमारियों का मुख्य कारण शराब है शराबी खुलेआम सड़क पर घूमते हैं इससे मध्य प्रदेश की बहनों बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं करती इस कारण शराबबंदी बेहद जरूरी है उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को चेतावनी देते हुए कहा कि 5 महीने जागरूकता अभियान चलाने के लिए देती हू इसके बाद 15 जनवरी से वे स्वयं मैदान में उतरेंगे। कुल मिलाकर इस समय समाज मैं और खासकर युवा वर्ग में नशा का प्रचलन जिस तेजी से बढ़ा है उसी अनुपात में समस्याएं बढ़ गई है देश के जब बिहार जैसे पिछड़े राज्य में नशाबंदी लागू हो सकती है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं इसके लिए सभी को आगे आना होगा तभी जाकर शराब बंदी लागू होगी और समस्याओं का समाधान होगा। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसकी अगुवाई जो भी सामाजिक संगठन या नेतृत्व करेगा उसे भरपूर समर्थन मिलेगा।

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