mulayam singh yadav birthday मुलायम का जन्मदिन धूमधाम से मना, पर नहीं मिला
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मुलायम का जन्मदिन धूमधाम से मना, पर नहीं मिला परिवार में एका का रिटर्न गिफ्ट

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का 83 वां जन्मदिन आज पूरे प्रदेश में घूमधाम से मनाया गया। मुलायम के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तमाम सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं ने उन्हें बधाई दी। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में अखिलेश यादव ने नए पार्टी कार्यालय पर केक काटकर जश्न मनाया। पर इस मौके पर मुलायम सिंह को यादव परिवार में एकता का रिटर्न गिफ्ट नहीं मिला जिसकी सियासी हल्कों में पिछले कई हफ्तों से उम्मीद की जा रही थी। मुलायम के आशीर्वाद की आस लिये उनके अनुज शिवपाल सिंह यादव ने पैत्रिक गांव सैफई में अपने कुश्ती प्रेमी बड़े भाई का जन्मदिन मनाया और दंगल का आयोजन किया। mulayam singh yadav birthday

मुलायम सिंह के जन्मदिन के मौके पर सपा की ओर से उन्हें एकता का गिफ्ट दिए जाने की उम्मीद थी। लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हो सका है। नेताजी के जन्मदिन के मौके पर बेटे अखिलेश यादव और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव के साथ आने की बातें हो रही थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि नेताजी के जन्मदिन के मौके पर अखिलेश यादव और शिवपाल साथ नजर आ सकते हैं।

लेकिन ये अटकलें फिलहाल गलत साबित होती दिखीं। ऐसे में मुलायम सिंह यादव को समाजवादी पार्टी एक बड़ा गिफ्ट देने से चूकती नजर आई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी के मुख्यालय में मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लिया तो वहीं शिवपाल यादव राजधानी से दूर पैत्रिक गांव सैफई में दिखे। प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने इटावा में केक काट कर नेताजी का जन्मदिन मनाया। शिवपाल को उम्मीद थी कि नेताजी उनके कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, लेकिन वह नहीं पहुंचे। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) द्वारा मुलायम सिंह यादव के 83 वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में उनके पैतृक गांव सैफई के चंदगीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में दंगल और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

सपा कार्यालय में मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने नेताजी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर मुलायम एक अन्य भाई रामगोपाल यादव भी उपस्थित थे। मुलायम सिंह यादव ने अपने जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं चाहता हूं हर गरीब का जन्मदिन मनाया जाए, मुझे अपने जन्मदिन पर बुलाएं, मैं जरुर आउंगा’। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नौजवानों में जोश दिखाई दे रहा है, आपका जोश परिवर्तन क्रांति लाएगा, देश में परिवर्तन की राजनीति चल रही है’। साथ ही उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का धन्यवाद’ दिया।

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव में एकता की काफी दिनों से उम्मीद की जा रही है। यादव परिवार का एक वर्ग इसके लिए दबाव भी बनाये हुए है। शिवपाल यादव भी कई बार दोहरा चुके हैं कि वे समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं और किसी भी समझौते के लिए तैयार हैं। मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर शिवपाल यादव ने इटावा में एक बार फिर कहा कि हम समाजवादी पार्टी के साथ विलय को हैं तैयार हैं, लेकिन समर्थकों के लिए 100 सीट चाहते हैं। यही नहीं अखिलेश यादव भी एक बार कह चुके हैं कि चाचा शिवपाल यादव और उनके समर्थकों का पार्टी में पूरा सम्मान किया जाएगा। ऐसे में यह उम्मीद थी कि चाचा और भतीजा के बीच कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अब तक कोई ऐलान नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कुछ सप्ताह का वक्त बचा है और दोनों के बीच किसी समझौते में देरी से समाजवादी पार्टी के लिए संकट बढ़ सकता है।

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Akhilesh yadav Shivpal yadav

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अखिलेश यादव ने 2017 और 2019 के चुनावों में शिवपाल यादव की ताकत को भांप लिया है और वह ज्यादा असर छोड़ने में कामयाब नहीं रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव जानते हैं कि शिवपाल यादव की राजनीतिक ताकत सपा के बिना बेहद कम है। ऐसे में वह शिवपाल यादव को महत्व देकर उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं। इसके अलावा विलय की स्थिति में भी उनके समर्थकों को ज्यादा सीटें देने के मूड में नहीं है। अखिलेश यादव की रणनीति है कि शिवपाल यादव को अपनी ही शर्तों पर साथ लाएं ताकि ज्यादा कुछ देना न पड़े।

सैफई (इटावा) में शिवपाल ने अपने बयान में अखिलेश यादव को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमारे लोग और समाजवादी लोग चाहते है कि एक होकर चुनाव लडें, और हमने यह भी कहा कि हमे 2022 में सत्ता में रहना है। अब फैसला हो जाना चाहिए । यदि एक सप्ताह के अंदर फैसला नहीं होता है तो फिर लखनऊ में सम्मेलन बुलाएंगे और हर जगह पर रैलियां करेंगे। हम तो चाहते हैं कि एका हो जाए। हम अपने लोगों से राय लेंगे कि क्या करना है और फिर आप लोग जो फैसला देंगे, हम उस पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि 2022 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सत्ता में जरूर आए।’ शिवपाल यादव ने कहा कि फिलहाल देश में हालात ठीक नहीं हैं। भाजपा की वजह से देश में किसान, गरीब, नौजवान, मुसलमान और किसान परेशान हैं। महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से लोग परेशान हैं।

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