नरेंद्र से नरेंद्र तक

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर स्वामी विवेकानंद के जीवन, कार्यों और विचारों का बहुत प्रभाव है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को उन्होंने अपने जीवन में उतारते हुए देश की दशा-दिशा बदलने का कार्य कर रहे हैं। विवेकानंदजी का अक्सर स्मरण करते हुए उनका कहना होता है कि उनकी प्रेरणा का प्रकाश भारत के संदेश को विश्व को पहुंचाता है। मोदीजी देश के युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद की तरह की विश्व बंधुत्व का संदेश पूरी दुनिया को पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री के आर्थिक विकास, आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने, शांति और समानता के लिए किए प्रयासों के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। मोदी ने स्वामी विवेकानंद की तरह का भारत का मान विश्व में बढ़ाया है। प्रधानमंत्री को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से भारत की दुनिया में एक नई छवि बनी है। प्रधानमंत्री के विदेश दौरों के दौरान उनसे मिलने वालों की उत्सुकता बताती है कि देश में नहीं दुनिया भर में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है।

स्वामी विवेकानंद और नरेंद्र मोदी में कई समानताएं भी है। विवेकानंदजी के बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था तो मोदीजी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है। दोनों को अपने-अपने पिता के निधन के कारण भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। नरेंद्र दत्त संन्यास होकर स्वामी विवेकानंद बने तो 16 वर्ष की आयु में नरेंद्र मोदी संन्यासी बनने के लिए हिमालय चले गए थे। संन्यास लेने के लिए नरेंद्र मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर छोड़कर चले गए थे। इस दौरान मोहमाया से दूर मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई स्थानों पर रहे। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित मोदी ने देश की दशा और दिशा को बदलने का संकल्प लिया। स्वामी विवेकानंद ने योग को लोकप्रिय बनाया तो नरेंद्र मोदी की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाने की शुरुआत 21जून 2015 से हुई। स्वामी विवेकानंद ने अपने अल्प जीवन में कई विदेश यात्राएं की। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार विदेशी दौर किए।

मोदी ने स्वामी विवेकानंद के मार्ग का अनुसरण करते हुए दीन-हीन लोगों की सेवा और स्वच्छता के लिए अभियान चलाया। सितंबर 2019 में मोदी को स्वच्छ भारत अभियान के लिए अमेरिका में बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ग्लोबल गोलकीपर सम्मान दिया गया। अगस्त 2019 में बहरीन में के खाड़ी देशों के साथ मित्रता को मजबूत करने व द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां पुरस्कार से सम्मानित किया बहरीन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बने। जून 2019 में हमारे प्रधानमंत्री को मालदीव ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान इज्जुद्दीन’ देने की घोषणा की। अप्रैल 2019 में रूस के सर्वोच्च सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ प्रदान किया गया। यह सम्मान रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया।

अप्रैल 2019 में ऑर्डर ऑफ जायद से सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बने। भारत और यूएई के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए यह सम्मान दिया गया। 14 जनवरी, 2019 को देश को उत्कृष्ट नेतृत्व देने के लिए प्रथम फिलिप कोटलर प्रेशिडेंशियल पुरस्कार से सम्मानित गया। अक्टूबर 2018 में मोदी को दक्षिण कोरिया में ‘सियोल शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान के लिए दिया गया सितंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार ‘चैंपियंस ऑफ अर्थ अवॉर्ड’ से नवाजा गया। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के उल्लेखनीय कार्य और 2022 तक भारत को प्लास्टिक मुक्त करने के उनके संकल्प के लिए दिया गया।

फरवरी 2018 में फिलिस्‍तीन के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को देखते हुए उन्हें ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ, जून 2016 में अफगानिस्तान नागरिक सम्मान ‘आमिर अमानुल्लाह खान पुरस्कार, अप्रैल 2016 सऊदी अरब का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया।

साल 2020 के आखिर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरेंद्र मोदी को ‘लीजन ऑफ मेरिट’ डिग्री चीफ कमांडर अवॉर्ड से सम्मानित किया। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए ट्वीट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदार में अहम भूमिका निभाने के लिए लीजन ऑफ़ मेरिट अवॉर्ड दिया है।

अमेरिका की की प्रसिद्ध पत्रिका टाइम ने नरेंद्र मोदी को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था। इस सूची में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कमला हैरिस और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल भी शामिल हैं। 2014 और  2016 में मोदी टाइम मैगजीन  रीडर्स पोल में पर्सन ऑफ द ईयर चुने गए। 2014 में फोर्ब्स मैगजीन ने मोदी को दुनिया का 15वां सबसे शक्तिशाली व्यक्ति घोषित किया था। इसके अलावा विभिन्न सम्मान भी मिले हैं। भारत के प्रधानमंत्री को मिले सम्मान से हर भारतवासी का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया। (लेखक भाजपा महासचिव हैं)

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