‘राम मंदिर’ के भूमि पूजन से पहले भोपाल में ‘टीम भागवत’

टीम भागवत यानी उसके अखिल भारतीय पदाधिकारी जिन्हें संघ का नीति निर्धारक भी माना जाता। कोरोना के कहर के बीच देश के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस वक्त इकट्ठे हो रहे हैं..चीन और नेपाल का विवाद थोड़ा ठंडा पड़ चुका है तो सरकार शिवराज की मध्य प्रदेश वापस लौट चुकी है।

कोरोना रिटर्न के बावजूद वर्चुअल रैलियों से बिहार विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों बढ़ चुकी तो उधर कांग्रेस शासित एक और राज्य राजस्थान में उठापटक निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है.. ऐसे में टीम भागवत इस विस्तारित बैठक में संघ की अपनी कार्य पद्धति में समय के साथ आवश्यक सुधार पर चिंतन तो कोरोनाकाल में अनुषांगिक संगठनों के योगदान अपने प्रचारको और स्वयंसेवकों की भूमिका का आत्म अवलोकन भी करेगी।

इससे पहले संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक के साथ कार्यकारिणी मंडल की बैठक भी कोरोना के कारण नहीं हो सकी थी। सरसंघचालक, सरकार्यवाह और सह कार्यवाह के राष्ट्रीय स्तर कार्यक्रम के राज्यों के पूर्व निर्धारित दौरे भी प्रभावित हुए.. लंबे अरसे बाद कोरोनावा महामारी के कारण संघ की दैनिक शाखा ..साप्ताहिक मिलन समारोह और प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ प्रचारकों के चयन करने वाले राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित नहीं हो पाए है.. फिर भी टीम भागवत का मुख्य फोकस भूराजनीतिक परिवेश पर रहेगा.. जिसमें वह बदलती दुनिया में भारत के लिए चुनौती को चिन्हित कर अपने रोडमैप को अंतिम रूप दे सकता है.. खासतौर से जब कोरोनावायरस की आपदा ने हर देश को बदलाव को मजबूर किया है.. इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और चीन के सीमा विवाद और नेपाल से राजनीतिक संबंधों पर संघ अपनी चर्चा को आगे बढ़ाएगा।

पिछले दिनों भोपाल से भैया जी जोशी की मौजूदगी में राष्ट्रीय पदाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर हुई चर्चा के दौरान भी चीन का मुद्दा सामने आया था.. यही नहीं उसके बाद मोदी सरकार के चुनिंदा वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारियों से महत्वपूर्ण चर्चा भी हो चुकी है.. जिसके बाद प्रधानमंत्री ने सीमा का दौरा भी किया था.. टीम भागवत के चिंतन मंथन के पूर्व निर्धारित इस कार्यक्रम के बीच राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का मार्ग लगभग प्रशस्त हो चुका है।

राम मंदिर को लेकर आंदोलन में संघ खासतौर से विश्व हिंदू परिषद अहम भूमिका निभा चुका है .. संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख चंपत राय राम मंदिर निर्माण को लेकर हमेशा सक्रिय रहे हैं .. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में फैसले लिए जा रहे है.. भूमि पूजन से जुड़े निर्णय से भी प्रधानमंत्री को अवगत भी करा दिया गया है.. ऐसे में संघ की भोपाल चिंतन मंथन बैठक के महत्व से इनकार नहीं किया जा सकता … इस बैठक में अंतिम दिन भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी भोपाल पहुंच सकते है.. तो निश्चित तौर पर राजनीतिक मुद्दे पर भाजपा द्वारा आने वाले समय में लिए जा रहे फैसलों पर भी चर्चा से इनकार नहीं किया जा सकता.. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी जेपी नड्डा निभा रहे हैं.. जिनकी नई टीम का भी इंतजार है।

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