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नार्थ ईस्ट में क्रिकेट का जादू

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आईपीएल मुकाबले के साथ ही नार्थ ईस्ट में आईपीएल का बिगुल बज गया है । भले ही खेलने वाली टीमें और खिलाडी नार्थ ईस्ट के नहीं हैं लेकिन स्टेडियम का खचाखच भरा होना और क्रिकेट प्रेमीयों के सैलाब का उमड़ना बताता है कि नार्थ ईस्ट में  भी क्रिकेट का जादू सर चढ़ कर बोलने वाला है ।

गुवाहाटी के क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रायल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए आईपीएल मुकाबले के साथ ही नार्थ ईस्ट में आईपीएल का बिगुल बज गया है। भले ही खेलने वाली टीमें और खिलाडी नार्थ ईस्ट के नहीं हैं लेकिन स्टेडियम का खचाखच भरा होना और क्रिकेट प्रेमीयों के सैलाब का उमड़ना बताता है कि नार्थ ईस्ट में  भी क्रिकेट का जादू सर चढ़ कर बोलने वाला है ।

इसमें दो राय  नहीं कि नार्थ ईस्ट के बच्चों और युवाओं ने अब तक क्रिकेट को गंभीरता से नहीं लिया है लेकिन असम में सफल आयोजन के बाद यह माना जा रहा है कि गुवाहाटी से मणिपुर,  मिजोरम , अरुणाचल , सिक्किम , मेघालय और नागालैंड ज्यादा दूर नहीं हैं ।  बेशक , बीसीसीआई और आईपीएल आयोजन समिति की नजरें अन्य करीबी प्रदेशों पर भी लगी होंगी । यह तय है कि यदि नार्थ ईस्ट ने क्रिकेट को गंभीरता से लिया तो वह दिन दूर नहीं जब इन प्रदेशों के खिलाडी बड़ी तादात में राष्ट्रीय टीम और आईपीएल का हिस्सा बन सकते हैं ।

भारतीय खेलों पर नज़र डालें तो नार्थ ईस्ट के खिलाडियों को ओलम्पिक खेलों में आसानी से खोजा जा सकता है । खासकर, फुटबाल, हॉकी , मुक्केबाजी ,जूडो , कराटे , ताईक्वांडो , एथलेटिक , वेटलिफ्टिंग आदि खेलों में नार्थईस्ट के खिलाडियों की संख्या और उनके दबदबे का लोहा  माना जाता है । एशियाड , ओलम्पिक और कॉमनवेल्थ खेलों में इन खिलाड़ियों ने ढेरों पदक जीते हैं । सरकार ने उनकी प्रतिभा को देखते हुए अनेकों स्टेडियम बनाए और श्रेष्ठ खिलाडियों को तमाम सुविधाएं और सम्मान दिए जा रहे हैं । लेकिन क्रिकेट की दस्तक के बाद शायद नार्थईस्ट के प्रदेशों की खेल प्राथमिकताएं बदल सकती हैं ।

कुछ खेल जानकारों और विशेषज्ञों की मानें तो क्रिकेट का नार्थ ईस्ट में दस्तक देने का मतलब है ओलम्पिक खेलों के लिए संकट । यह भी कहा जा रहा है कि यदि खिलाडियों और अभिभावकों को क्रिकेट भा गया तो बाकी खेलों की श्रेष्ठ प्रतिभाएं ट्रैक बदल सकती हैं । आईपीएल खेलने पर मिलने वाले करोड़ों भला किसे आकर्षित नहीं करेंगे । दूसरी तरफ आलम यह है कि अन्य खेलों की लीग खेलने पर खिलाडियों को सिर्फ जेब खर्ची ही मिल पाती है ।

हालाँकि अभी से कोई अनुमान लगाना ठीक नहीं होगा लेकिन क्रिकेट का विस्तार और आईपीएल की चमक दमक किसी भी युवा को रोमांचित कर सकती है । यदि नार्थ ईस्ट में आईपीएल ने पैर पसारे तो इन प्रदेशों में खेलों के प्रति सोच बदल सकती है और क्रिकेट पहला खेल बन सकता है । फिलहाल कोई भी  राय बनाना  जल्दबाजी होगी लेकिन आईपीएल और डब्लूपीएल क्रिकेट के बाजार को विस्तार देने के लिए दृढ संकल्प नजर आते हैं ।

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