congress preparations assembly polls कांग्रेस भी घर ठीक कर रही है
हरिशंकर व्यास कॉलम | गपशप| नया इंडिया| congress preparations assembly polls कांग्रेस भी घर ठीक कर रही है

कांग्रेस भी घर ठीक कर रही है

congress

Congress preparations assembly polls इस समय राजनीतिक गतिविधियां पूरे देश में चल रही हैं। अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कई महीनों से चुपचाप बैठी कांग्रेस पार्टी भी अपना घर ठीक करने में लगी है। राहुल गांधी संसद से लेकर सड़क तक की राजनीति करने लगे हैं। वे केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए ट्रैक्टर चला कर संसद पहुंचे। उन्होंने संसद की रणनीति बनाने के लिए 14 विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक की। राहुल ने कोरोना वैक्सीन को लेकर लोकसभा में लिखित सवाल भी पूछा और लोकसभा की कार्यवाही में सक्रिय हिस्सेदारी भी की।

Read also कांग्रेस भी घर ठीक कर रही है

इस बीच पार्टी में राष्ट्रीय नेतृत्व में फेरबदल से पहले राज्यों में नेतृत्व बदला जा रहा है और नए लोगों की नियुक्ति हो रही है। यह कांग्रेस के कायाकल्प का समय लग रहा है। ऐसा लग रहा है कि भाई-बहन यानी राहुल और प्रियंका अपने हिसाब से राज्यों में टीम बैठा रहे हैं। पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाना इसका इशारा है। यह नहीं कहा जा सकता है कि इसका नतीजा क्या होगा पर अब तक पार्टी आलाकमान पर अपनी मर्जी थोपते रहे मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह को जरूर इससे झटका लगा है। अब तक पंजाब में कांग्रेस के पास कोई कैप्टेन के अलावा कोई चेहरा नहीं था लेकिन अब सिद्धू का चेहरा है।

अगले साल पंजाब के अलावा उत्तराखंड में भी चुनाव होने वाले हैं और वहां पार्टी ने समझदारी से काम लेते हुए आजमाए हुए नेता हरीश रावत पर दांव खेला है। पार्टी ने रावत की रणनीति के हिसाब से प्रीतम सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर विधायक दल का नेता बनाया और ब्राह्मण चेहरे के तौर पर गणेश गोंदियाल को प्रदेश अध्यक्ष बना कर आगे किया। हरीश रावत को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बना कर मुख्यमंत्री पद का अघोषित दावेदार बनाय गया है। चुनाव से ठीक पहले हुए इन बदलावों का कांग्रेस को फायदा मिल सकता है।

Read also घटनाओं के आगे लाचार मोदी

राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से सांसद हैं, इस नाते केरल पर उनकी नजर है और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हारने के बाद उन्होंने बड़ा बदलाव किया है। राहुल ने पार्टी के पुराने सारे नेताओं को दरकिनार कर नया प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल का नया नेता बनाया है। रमेश चेन्निथला की जगह वीडी सतीशन को विधायक दल का नेता बनाया गया तो मुल्लापल्ली रामचंद्रन की जगह सुधाकरण को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कांग्रेस ने पिछले दिनों असम में भी रिपुन बोरा की जगह भूपेन बोरा को नया अध्यक्ष नियुक्त किया। छत्तीसगढ़ में पार्टी ने साफ कर दिया कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने का कोई फॉमूला नहीं है। भूपेश बघेल पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

Read also दुनिया में कोरोना का कहर, अमेरिका में 90 हजार नए केस

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने के लिए रस्साकशी कर रहे प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को दिल्ली बुला कर पार्टी ने साफ तौर पर कह दिया कि किसी का चेहरा प्रोजेक्ट नहीं किया जाएगा इसलिए विवाद बंद करें और मिल कर काम करें। इसी तरह तेलंगाना में कांग्रेस ने उत्तम कुमार रेड्डी को हटा कर तेजतर्रार नेता और पार्टी के सांसद रेवंत रेड्डी को नया अध्यक्ष बनाया है। उनके साथ पूर्व क्रिकेटर अजहरूद्दीन सहित पांच कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए गए। कांग्रेस को कई और राज्यों में अभी बदलाव करना है, जिसमें समय लग रहा है पर पार्टी चुपचाप बैठे रहने की बजाय अपने संगठन को ठीक करने में लग गई है।

congress preparations assembly polls

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow