बाहुबली नेताओं से है बरबादी

महामारी को रोकने के लिए काम के आधार पर दुनिया को दो हिस्सों में बांट सकते हैं। एक हिस्सा ऐसे देशों और प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों का है, जिनको दुनिया कम जानती है। वे बिना दुनिया की नजरों में आए और बिना छाती फुलाए अपने  लोगों के लिए काम करते रहे। कोरोना को रोका और अपने लोगों की जान बचाई या जान बचाने का गंभीर प्रयास किया। दूसरी ओर ऐसे नेता हैं, जो छाती फुला कर अपने को दुनिया का बादशाह या भावी बादशाह बताते हैं और जिन्होंने कोरोना को कोई संकट नहीं माना। ऐसे लोगों ने अपने देश के करोड़ों करोड़ लोगों का जीवन संकट में डाला। खुद भी संकट में पड़े।

डोनाल्ड ट्रंप इसकी मिसाल हैं। उन्होंने कोरोना को कभी गंभीर खतरा नहीं माना, इससे लड़ने के लिए किए जा रहे हर सांस्थायिक प्रयास का मजाक उड़ाया, यहां तक कि मास्क लगाने का भी मजाक उड़ाया। आज राष्ट्रपति चुनाव में उनकी कुर्सी खतरे में है। अमेरिका के लोगों ने उनके चार साल के नाटकों के ऊपर पिछले दस महीने के कामकाज को रखा है। दस दिन के बाद अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले पांच सौ से ज्यादा एजेंसियों के सर्वेक्षण का आकलन है कि उनके प्रतिद्वंदी और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन के राष्ट्रपति चुने जाने के 86 फीसदी मौके हैं। ट्रंप उनका भी मजाक उड़ाते रहे हैं। उन्होंने प्रेसिडेंशियल डिबेट में बाइडेन का यह कह कर मजाक उड़ाया कि वे हर जगह मास्क लगाए रहते हैं।

ट्रंप खुद भी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए पर उस दौरान भी उन्होंने अपने ड्रामे जारी रखे। उन्होंने अमेरिका के करोड़ों लोगों का जीवन खतरे में डाला। अमेरिका में संक्रमितों की संख्या 86 लाख से ज्यादा हो गई और सवा दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने अमेरिका को मौत का कुआं बना डाला। उनकी नासमझी या नाटकों ने अमेरिका की दुनिया की एकमात्र महाशक्ति वाली स्थिति को भी कमजोर किया। कोरोना के इस संकट के समय दुनिया को नेतृत्व देने का देश खुद ही मुश्किलों में फंसा रहा, जिससे चीन के लिए मौका बना। बहरहाल, ट्रंप ने चार साल में क्या काम किया वह अपनी जगह पर चुनाव कोरोना के साये में हो रहा है और लोग उससे निपटने की उनका काबिलियत को ध्यान में रख कर वोट करेंगे।

उन्हीं की तरह बाहुबली नेता हैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो। इन तीनों देशों में कोरोना महामारी नागरिकों के लिए जानलेवा हुई है। अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरे सबसे संक्रमित देश भारत है तो तीसरे नंबर पर ब्राजील और चौथे पर रूस है। इन देशों के बाहुबली नेताओं ने दुनिया के दूसरे देशों के अनुभव से कोई सबक नहीं लिया। इसका नतीजा यह है कि इन तीन देशों को मिला कर तीन लाख लोगों की मौत हुई है। दुनिया भर में हुई 11 लाख मौतों में तीन लाख अकेले इन तीन देशों का है। अगर अमेरिका को भी इसमें मिला लें तो इन चार देशों में 50 फीसदी मौते हुई हैं। इसके बावजूद इन देशों के नेताओं का कहना है कि हमारे यहां तो महामारी संभली हुई है बाकी दुनिया में तो हालत बहुत खराब है।

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