पीक आएगा तो कितने मामले होंगे

कोरोना वायरस से लड़ने की रणनीति बना रहे लोगों को अंदाजा हो गया है कि अभी भारत में इस वायरस का संक्रमण बढ़ेगा और जून-जुलाई तक पीक आएगा। हालांकि यह भी अधूरी बात है क्योंकि जून-जुलाई तक पीक उन जगहों पर आएगा, जहां अभी ढेर सारे मामले आ रहे हैं। जैसे मुंबई, दिल्ली, इंदौर, अहमदाबाद, सूरत, उज्जैन, तमिलनाडु आदि में ज्यादा मामले आएंगे। बाकी जगहों पर जहां अभी कम मामले दिख रहे हैं जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर के राज्य आदि में अगस्त-सितंबर में पीक आएगा। हालांकि उस बारे में तो अभी सोचा भी नहीं जा रहा है। अगर एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की इसी बात पर विचार करें कि जून-जुलाई में भारत में पीक आएगा तो क्या उन्होंने या भारत सरकार ने इसका प्रोजेक्शन बनवाया है कि उस समय भारत में कुल कितने मामले होंगे? ऐसा लग नहीं रहा है कि किसी किस्म का प्रोजेक्शन तैयार किया गया है। एक प्रोजेक्शन नीति आयोग ने जरूर बनाया था, जिसमें कहा गया था कि 15 मई तक भारत में केसेज जीरो हो जाएंगे। पता नहीं क्यों यह प्रोजेक्शन बनाने वाले को और इसे सार्वजनिक करने वाले को खोज कर सजा नहीं दी जा रही है? जिन लोगों ने 30 मई या 15 जून तक केसेज जीरो होने का अनुमान लगाया था उनसे भी जवाब तलब किया जाना चाहिए।

बहरहाल, भारत में कोरोना वायरस से लड़ रही नोडल एजेंसी इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर है। केंद्रीय मंत्रालयों और आईसीएमआर की साझा प्रेस कांफ्रेंस में गुरुवार को बताया गया कि भारत में अब मामले दोगुने होने की दर 10.2 दिन हो गई है। इससे एक दिन पहले बताया गया था कि 11 दिन में केसेज दोगुने हो रहे हैं। अगर दस दिन का औसत मानें तो एक मोटे अनुमान के मुताबिक जून के पहले दिन मामले दो लाख से ज्यादा होंगे और जून के आखिर तक भी पीक मानें तो दस लाख से ज्यादा मामले होंगे। सवाल है कि इसके लिए भारत सरकार की क्या तैयारी है?आशावाद को एक तरफ किनारे रखें कि मामले कम भी हो सकते हैं पर जिस तरह से संख्या बढ़ रही है उससे लग नहीं रहा है इनका औसत कम होने वाला है। इसलिए सरकार को पहले से तैयारी करनी होगी।

अभी तक कोई तैयारी नहीं दिख रही है सिवाए इसके कि पांच हजार से ज्यादा ट्रेन कोचेज को कोविड-19 के मरीजों को रखने के लिए तैयार किया गया है। सोचें, मई- जून 40-45 डिग्री तापमान में लोग ट्रेन के कोचेज में रखे जाएंगे तो क्या स्थिति होगी? इसके अलावा एक तैयारी यह दिख रही है कि अब मामूली संक्रमण वालों को अस्पताल में नहीं रखेंगे और जिनको मध्यम दर्जे का संक्रमण होगा उनको सात दिन में ही अस्पताल से छुट्टी दे देंगे ताकि बेड खाली हों। सोचें, यह कैसा एडहॉक विचार है। लोगों को घरों में रखा जाएगा तो यहां कितने लोगों के पास ऐसे घर हैं, जिनमें वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे या सात दिन में संक्रमण के साथ ही जिनको छोड़ दिया जाएगा क्या वे अपनी कॉलोनी या घर में जाकर दूसरों को संक्रमित नहीं करेंगे? इस किस्म की बेवकूफी भरी कई तैयारियां की जा रही हैं, जिनका लब्बोलुआब यह है कि सरकार लोगों को उनकी किस्मत और भगवान के भरोसे छोड़ने की तैयारी कर रही है। सरकार ने अपने हाथ आजमा लिए हैं और उसे पता चल गया है कि आने वाले दिनों में उसके हाथ में कुछ नहीं रहेगा।

25 thoughts on “पीक आएगा तो कितने मामले होंगे

  1. Government should also plan ,how to treat non covid 19 patients and pregnant ladies for safe delivery.Goverment should aware people to delay their ambition to become parents of newborns for at least one year , or some effective vaccine is developed.Most of the private clinics and hospitals are not functional and people are finding a lot of difficulty for emergency medical treatments.

  2. अरे यार आप तो डरा रहे हैं व्यास जी !! एसा हुआ तो बचना ही क्या है ! आखिर करें भी तो क्या एसी माशाल्लाह सरकार के चक्कर में?!

    1. Government should take all resorts and farm houses in cities and in rural areas big farms with Temts facilities to isolate patients. Provide them basic food medicines and fruit’s. Care takers should be isolated with all protection and extra payments once they becomes negative they should be shifted back to there homes.

    2. डरने. की जरूरत नहीं है खान पान में बदलाव करने की जरूरत है अदरक हल्दी लहसून काली मिर्च ंंका उपयोग बढ़ाये कांसा तांबा पीतल के बर्तन का उपयोग करें योग ध्यान कसरत करे दुध दही धी का उपयोग करें सात्वीक आहार ले शुध्द खायें ताजा खायें सब ठीक होगा और रही बात सरकार की तो सरकार कहाँ तक लाक डाउन रखेंगी साहब

  3. सारा काम सरकार थोड़े ही करेगी कुछ जिम्मेवारी जनता की भी बनती ह की वो ईमानदारी से सरकार का साथ दे कोरोना तो क्या कोरोना का बाप भी भारत में नहीं ठहर पायेगा. सभी को अपने परिवार के सदस्यों को समझाना चाहिए की घर से बाहर ना निकले .

  4. पिक आना भी तय है।कारण केंद्र द्वारा किये गए सभी एहतियात अच्छे है पर इसमें कुछ खामियां भी भी रही है ।और कुछ खामियों में विभिन्न राज्य सरकारों ने भी इस महामारी से लड़ने में सहयोग नही किया केवल अपने वोट बैंक के कारण ।कुछ रही सही कसर विपक्षी दलों ने,कुछ सम्प्रदाय के लोगो ने भी पिक टाइम लाने में सहयोग किया।
    इस महामारी को भगाने का ठेका केवल केंद्र सरकार का नही ,हम सब का कर्तव्य है कि हम विभिन्न उपाय जो बताए गए है का पालन करे।इसमें सबसे बड़ी खामी low literacy की है लोग समझना ही नही चाहते कि सरकार के द्वारा किये गए उपाय नाकाफी है इसलिए हम सहयोग करे।
    बहरहाल यह सब तो हुवा ओर यह बीमारी जल्द खत्म होने की उम्मीद भी कम है लेकिन उपाय एक ही social distencing,hand washing, use of mask कुल मिला कर prevention is better then cure .

  5. सरकार कब तक साथ देगी अच्छा खाना खाओ नियमों का पालन करें दुध दही घी खायें कांसा पितल ताबां के बर्तन काम मे ले हल्दी अदरक लहसुन का इस्तेमाल करे योग ध्यान करे सब.ठीक होगा पहले भी महामारी आई. है ओर हमारे पुरखौं ने मात.भी दी है सोच सकारात्मक रखें सब अच्छा ही होगा

  6. कुछ लोग केवल आलोचना करने के लिए ही पैदा हुए है उनके पास कोई सकारात्मक सुझाव नहीं है बस केवल अफवाह फैला अफरातफरी का माहौल बनाना उन का मकसद हैं सो सभी को अपना विवेक इसतेमाल कर प्लान बनाना चाहिए.

  7. Asa kro congress bjp aur aap valo tum log ram mandir bnao aur krona bgane k liye gnta vajao tnn tnn tnn gopal vese america kbb bna rha hai ram mandir

  8. बड़े बड़े ज्योतिष हैं बताने वाले उनसे ही पूँछ लेते हैं कि कहाँ पर कब पीक आएगा, कहाँ कहाँ कितने लोग ग्रसित होंगे, जितने लोग मृत्यु का वरण करेंगे, कितने ठीक होंगे आए इसकी दवाई कहाँ से और कब आएगी । हा हा हा

  9. अभी का माहौल देख कर लग रहा है आने वाले समय मे संकट बढ़ेगा पर सावधानी ओर सतर्कता से बचाव भी संभव है सब कुछ सरकारों पर न छोड़ो जनता को अपना ध्यान खुद रखना ही होगा
    बाकी सरकार भी अपना काम करेगी ही
    आशा न छोड़े हर रात के बाद सुबह आएगी ही आएगी

  10. Negativity spread karana is very easy. Saying anything post happening is best way to criticise govt. Why didn’t you comment on people not following lockdown. Why didn’t you comment on people gathering still for religious purpose.
    What should govt do? Shoot them as per you. How many people had experience in Feb March? How many test kits were available? How many ppe kits were available? Govt is to be blamed for all. Right Mr Vyas.

  11. भाई इसमें सरकार क्या करे जब लोगों को ही चिंता नहीं है इतना समझाने के बाद भी घरों से निकलते है बाहर घूमते है

  12. Is this news text forwarded to ICMR/AIIMS or health ministry? Or consulted medical experts bfore published.
    This seems to be a generalize summary, nothing else.
    Yes !govt m/c must prepared to handle these approx.nos.which r mentioned.

  13. A humble request by PM MODI JI, to make social distancing-FAILED, responsible are *none other than us*.It was clearly said that 21 days or a backlash of 21 years. Time is still with us PLEASE follow MODI JI for 21 days.
    Situation is still controllable!! I personally request govt and people to stop migration.
    For a better tomorrow stop drinking, save money for food.

    JAAN HAI TO JAHAAN HAI.

  14. व्यासजी बात ऐसी है कि जब केंद्र सरकार सभी राज्यों से निवेदन कर रही थी तब तो प्रवासियों को रोड पर निकाल दिया,ऐसी अफवाहें ,बिना तैयारियों के उड़ाई गयी कि दिल्ली से सबको उनके राज्यों में भेजा जायेगा, फिरमझधार में छोड़ दिया।
    दिल्ली की देखादेखी अन्य राज्यों से भी प्रवासी सड़कों पर निकल गए,ओर उनको रोका नहीं गया।राज्य जिम्मेदार है, कोरोना को फैलाने के लिए और घटिया मानवता विरोधी राजनीति भी जिम्मेदार है।

  15. कुछ बन्दों की आदत होती है पैनीक किर्यीयट करने की और वो यही कर भी सकते हैं। इन सब के अलावा आप जनता को बचाव के तरीके बता सकते थे। परन्तु अैसी उम्मीद करना आप जैसे व्यक्तियों से तो बेमानी है। लगे रहो पर जनता सब समझती है ।

    1. जब जनता जागरूक ःहै तो फिर नहीं बदेगा पर एक भी व्यक्ति की ,लापरवाही खतृरनाक है

  16. सिनेटाइज़र से या बीस सेकेण्ड तक साबुन से हाथ साफ करने के साथ साथ जेब भी साफ होती जा रही है ।
    इसलिए अब सरकारों को भी चाइये हाथों को पाक साफ रखें
    तभी विकास की बात होगी ।

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