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खुले में शौच से मुक्त होगा बिहार

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मोतिहारी में कहा— मैं प्रधानमंत्री जी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम लोगों को खुले में शौच से मुक्त करेंगे। जिस गरीब के पास शौचालय नहीं है, उनके लिए कई शौचालय एक साथ बनाने की हमारी योजना है, शौचालय निर्माण के बाद प्रत्येक परिवार को एक शौचालय की चाभी दे देते हैं। राज्य सरकार आठ हजार रुपए शौचालय बनाने के लिए देती है, इसके साथ ही केंद्र से 4 हजार रुपए मिलते हैं। बापू के जन्म के 150वें साल में हम पूरे भारत को खुले में शौच से मुक्त करेंगे। हमलोगों की इसके प्रति पूरी प्रतिबद्धता है, लक्ष्य को प्राप्त करने में कामयाब होंगे। मुख्यमंत्री मोतिहारी के गांधी मैदान में आयोजित “सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह” कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री भी थे।

नीतीश ने कहा कि सबसे पहले चम्पारण की धरती को नमन करता हूॅ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करता हूं। जिस तरह से स्वच्छता अभियान पर बल दिया गया है, उसकी जरूरत है। 10 अप्रैल, 1917 को गांधी जी पटना आए थे। इसके बाद यहां से मुजफ्फरपुर में चार दिनों तक रहने के बाद मोतिहारी पहुंचे थे, और किसानों की समस्याओं से रू-ब-रू हुए थे। आगे चलकर इसे सत्याग्रह का रूप मिला, वह जगजाहिर है। किसानों के सामने अंग्रेजों को घुटने टेकने पड़े थे। बापू ने पूरे चम्पारण के लोगों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति जागरूक बनाया। गांधी जी स्वच्छता पर जोर देते थे। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश की स्वच्छता की दिशा में ठीक से काम नहीं हुआ। स्वच्छता पर ठीक से अमल नहीं किया गया। गांधी जी के बाद अगर किसी ने स्वच्छता का मुद्दा उठाया तो लोहिया जी थे। समाजवादी चिंतक डॉ0 राम मनोहर लोहिया ने 50 के दशक में ही कहा था कि अगर देश में महिलाओं के लिए शौचालय का निर्माण हो जाए तो मैं नेहरू जी का विरोध करना छोड़ दूंगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू के 150वें जन्म दिवस के अवसर पर पूरे भारत को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। बिहार को ओ0डी0एफ0 की दिशा में ले जाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। हमने पूरे बिहार को ओ0डी0एफ0 बनाने के लिए एक अभियान चला रखा है। इसके साथ-साथ हर घर में नल का जल, बिजली एवं पक्की गली-नाली उपलब्ध कराने के लिए भी काम कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पीने का स्वच्छ पानी और खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए तो होने वाली 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का अभियान जरूरी है और इसी से देश को गति मिलेगी। गांधी जी के बिहार आगमन का आज 101वां साल है। हमारा संकल्प है कि हम घर-घर तक गांधी जी के विचारों को पहुंचाएंगे। गांधी जी का कथावाचन प्रत्येक स्कूल में कराया जाएगा। कथा संग्रह का काम पूरा कर लिया गया है। गांधी जी के विचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराना है। अगर 10 से 15 प्रतिशत लोगों ने भी गांधी जी के विचारों को अपना लिया तो समाज, देश बदल जायेगा और हिंसा से छुटकारा मिल जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के साथ-साथ हमें एक दूसरे की इज्जत करनी चाहिए। प्रेम और सद्भाव के साथ ही देश आगे बढ़ सकता है। तनाव और टकराव से देश आगे नहीं बढ़ सकता। 

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