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​​​​​​​चारकोल से भी स्याह ग्रह की खोज

लंदन। वैज्ञानिकों ने धरती से 470 प्रकाश वर्ष दूर एक ‘ स्याह ’ ग्रह की खोज की है जो 99 प्रतिशत रोशनी को सोख लेता है। इसी के साथ यह अब तक का सबसे गहरे रंग का ग्रह बन गया है। इस नए ग्रह को डब्ल्यूएएसपी -104 बी नाम दिया गया है जिसकी खोज ब्रिटेन की कील यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने की है।

अनुसंधानकर्ताओं ने नासा के केप्लर टेलिस्कोप का इस्तेमाल कर दिखाया कि यह ग्रह ‘चारकोल से भी गहरा’’ है। कील यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिक्स ग्रुप के टियो मॉक्निक ने कहा, “यह अभी तक खोजे गए सभी ग्रहों में से सबसे गहरा है - यह जिस तारे के इर्द - गिर्द घूमता है उससे बहुत कम रोशनी प्रतिबिंबित होती है।”

मॉक्निक ने कहा, “ डब्ल्यूएएसपी -104 बी बहुत दिलचस्प ग्रह है क्योंकि इसे अब से पहले देखा भी नहीं गया था। सभी ग्रह जिन तारों के इर्द - गिर्द घूमते हैं उनसे प्रकाश प्रतिबिंबित करते हैं। कुछ ग्रह बहुत ज्यादा रोशनी प्रतिबिंबित करते हैं जैसे शुक्र ग्रह 70 फीसदी प्रकाश प्रतिबिंबित करता है जबकि कुछ अन्य केवल 10 प्रतिशत रोशनी ही प्रतिबिंबित करते हैं। ” वहीं केप्लर टेलिस्कोप के बेहद स्प्ष्ट फोटोमेट्रिक डेटा का विश्लेषण करने पर इस ग्रह से किसी तरह की रोशनी प्रतिबिंबित होते हुई नहीं दिखी।

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