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पैसे के लालच में शादीशुदा बने कुंवारे !

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पैसे के लालच में शादीशुदा जोड़ों की दोबारा शादी का मामला सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। इसके तहत जिन शादीशुदा जोड़ों ने ऐसा किया है उनके खिलाफ मामला दर्ज करने तथा जिले के लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के ​आदेश दिये गये है। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिये मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरूआत की गयी थी। इस योजना के तहत एक ही मंच पर सभी धर्मों के लोगों की बेटियों की शादी करवाई जा रही है। इसमें शादी करने वाली लड़की के खाते में 20 हजार रूपये की रकम, 10 हजार रूपये का लड़की को उपहार और सामान तथा आठ हजार रूपये खाने के खर्च के लिए दिये जाते है। 

इन शादियों में यह सारा खर्च तो सरकार की तरफ से किया जाता है। इसके अलावा सामूहिक विवाह समारोह वाले जिले की स्वंय सेवी संस्थायें और प्रतिष्ठित लोग भी लड़की को तोहफे आदि देते है। अभी तक इस मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 57 जिलों में सात हजार से अधिक शादियां हो चुकी है। इस योजना पर ग्रहण तब लग गया जब नोएडा में हुये शादी समारोह में चार पहले से शादीशुदा जोड़ों द्वारा मात्र पैसों के लालच में शादी किये जाने का मामला सामने आया। इस बारे में राज्य के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बताया, ''हां नोएडा में ऐसी खबरें आई है कि वहां चार पहले से शादीशुदा जोड़ों ने पैसे के लालच में सामूहिक विवाह समारोह में शादी की है। इसी तरह औरैया में कुछ शादी करने वाली महिलाओं को पैर में पहनने वाले बिछुए चांदी के बजाए नकली धातु के दिये जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा एकाध जिलो में कुछ और गडबड़ी की भी शिकायतें सामने आई है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने इन गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है, और नोएडा में शादीशुदा जोड़ों के दोबारा शादी किये जाने के मामले में ​वहां के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनायी गयी है। इसके अलावा इसमें गड़बड़ी और धोखाधड़ी करने वालो के खिलाफ मामला दर्ज कराने को कहा गया है। इसी तरह जहां नकली बिछुए बांटे जाने की बात सामने आई है वहां भी अधिकारियों को जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने को कहा है। शास्त्री ने कहा,‘‘यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक महात्वाकांक्षी योजना है ताकि गरीब बेटियों की शादी हो सकें। अगर इस योजना में कही भी गड़बड़ी पायी गयी तो किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नही जायेगा।’’ उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनो में प्रदेश में सात हजार से अधिक लड़कियों की शादियां हो चुकी है और जल्द ही कई अन्य जिलों में ऐसे और आयोजन किये जायेंगे, ताकि पैसे के अभाव में किसी लड़की की शादी न रूके।

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