शनि के छल्लों की उम्र ग्रह से भी कम

वॉशिंगटन। शनि के छल्ले वैज्ञानिकों के अनुमान के हिसाब से बहुत कम उम्र के हैं और वे पिछले एक से 10 करोड़ साल के बीच ही नजर आने शुरू हुए थे। अंतरिक्ष एजेंसी नासा के कैसिनी अंतरिक्षयान से मिले खोज परिणामों के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। सूरज से छठे स्थान पर मौजूद ग्रह का निर्माण 4.5 अरब साल पहले हुआ था और उसके अस्तित्व का अधिकतम समय उन विशेष छल्लों के बिना ही बीता है जिसके लिए उसे आज जाना जाता है।

खगोलविदों का मानना है कि संभवत: शनि के चंद्रमाओं के बीच टकराव या एक धूमकेतु के कारण इसका निर्माण हुआ जो ग्रह के करीब ही आ कर बिखरा हो सकता है। इनमें से कुछ सवालों के जवाब कैसिनी के कारण मिल सके हैं। यह अमेरिकी-यूरोपीय अंतरिक्षयान 1997 में भेजा गया था और 2017 में शनि की सतह पर नियोजित ढंग से खत्म हो गया था। मिशन के अंत में कैसिनी 22 बार शनि एवं उसके छल्लों के बीच परिक्रमा कर इतिहास के किसी भी अंतरिक्षयान के मुकाबले उनके सबसे करीब गया। कैसिनी का उड़ान पथ इन छल्लों के गुरुत्वाकर्षण से कैसे प्रभावित हुआ, इसका अध्ययन कर वैज्ञानिक इन छल्लों के भार एवं अनुमानित उम्र का पता लगा सके। सेपियंजा यूनिवर्सिटी ऑफ रोम की प्रमुख अनुसंधानकर्ता लुसियानो लेस ने कहा कि कैसिनी के अंतिम कक्ष में शनि के इतने करीब जाने से ही हम नयी खोजों के लिए माप ले सके।

320 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।