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ट्रेन के शौचालय में लगाई फांसी

बांदा। उत्तर प्रदेश में बांदा के बदौसा रेलवे स्टेशन पर आर्थिक तंगी से परेशान आंखों से दिव्यांग युवक ने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी के शौचालय में फांसी लगाकर आज आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने बताया कि महोबा के कबरई क्षेत्र के पसरहा गांव निवासी आंखों से दिव्यांग अरविंद पाठक (27) अपनी मां श्यामरानी, बहन केसर, भांजे कमलेश के साथ इलाहाबाद नैनी जेल में हत्या के एक मामले में निरुद्ध अपने भाई अशोक पाठक से मिलकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस से वापस लौट रहे थे। इस बीच, बदौसा रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग ने मां को जगाया। माँ उसे लघुशंका के लिए पकड़ कर ले गई। उसने शौचालय के अंदर से कुंडी बंद कर पानी के पाइप में फंदा लगाकर फांसी लगा ली जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि यात्रियों ने किसी तरह से शौचालय का दरवाजा तोड़कर उसका शव नीचे उतारा। 
परिजनों ने बताया कि मृतक का भाई 11 वर्ष से हत्या के एक मामले में नैनीें जेल में निरूद्ध है। मुकदमे के दौरान वर्ष 2011 में उसके पिता मनीराम पाठक की की हत्या भी हो चुकी है। मुकदमे की पैरवी में उसने अपनी व मां की सभी जमीन मकान व संपत्ति बेच दी है आर्थिक तंगी से परेशान दिव्यांग पर भाई को जेल से छुड़वाने का भी मानसिक दबाव था जिसके कारण वह अत्यधिक परेशान था और इन्ही कारणों के चलते आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली है ।
 

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