Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों को तृतीय श्रेणी की भर्ती में दस प्रतिशत आरक्षण

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में खरीफ एवं रबी मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन देने के लिए मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री को सदस्य नामित किया गया है।

Also Read : शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली, सेंसेक्स 715 अंक टूटा

कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों तथा अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी और उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से जुड़े विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी।

मंत्रिपरिषद ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। कैबिनेट ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों—पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी—की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु “छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026” बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।

राज्य सरकार के अनुसार इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version