देश में मोबाइल सबस्क्राइबरों की संख्या जुलाई में बढ़कर 128.79 करोड़ पर पहुंच गयी और इसके साथ ही पहली बार देश की आबादी की तुलना मोबाइल सबस्क्राइबरों की संख्या (मोबाइल टेली-डेंसिटी) 90 प्रतिशत हो गयी है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के अंत में देश में 128 करोड़ 79 लाख से अधिक मोबाइल सबस्क्राइबर थे। यह जून 2026 के 128.24 करोड़ की तुलना में 0.43 प्रतिशत अधिक है।
ट्राई ने बताया कि मोबाइल टेली-डेंसिटी पहली बार 90 प्रतिशत के पार पहुंच गयी है। जुलाई में 90.04 प्रतिशत दर्ज की गयी। जून में आबादी की तुलना में 89.71 प्रतिशत मोबाइल सबस्क्रिप्शन थे।
शहरी इलाकों में मोबाइल सबस्क्राइबरों की संख्या 73.94 करोड़ से बढ़कर 74.37 करोड़ पर पहुंच गयी। ग्रामीण इलाकों में सबस्क्राइबरों की संख्या 54.30 करोड़ से बढ़कर 54.43 करोड़ हो गयी। इनकी संख्या क्रमशः 0.57 प्रतिशत और 0.24 प्रतिशत बढ़ी।
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शहरी इलाकों में आबादी से 44 प्रतिशत ज्यादा मोबाइल सबस्क्रिप्शन थे। वहीं ग्रामीण इलाकों में मात्र मोबाइल टेली-डेंसिटी 60 प्रतिशत रही यानी आबादी से 40 प्रतिशत कम मोबाइल कनेक्शन।
रिपोर्ट से पता चलाता है कि जुलाई में एयरटेल के सबस्क्राइबरों की संख्या 26.88 लाख बढ़ी। रिलायंस जियो के ग्राहक 24.47 लाख बढ़े। वोडफोन के ग्राहकों की संख्या में 2.40 लाख का और बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या में 16.89 लाख का इजाफा हुआ। एमटीएनएल के ग्राहक 5.74 हजार कम हो गये।
फिक्सड लाइन, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और मोबाइल समेत सबस्क्राइबरों की कुल संख्या जुलाई के अंत तक 135.43 करोड़ पर पहुंच गयी। इसमें एक महीने पहले के मुकाबले 0.46 प्रतिशत का उछाल आया है।
इसमें शहरी सबस्क्राइबर 79.21 करोड़ से बढ़कर 79.67 करोड़ और ग्रामीण सबस्क्राइबर 55.60 करोड़ से बढ़कर 55.76 करोड़ हो गये। इनमें क्रमशः 0.58 प्रतिशत और 0.28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, जुलाई में एक करोड़ 50 लाख 80 हजार लोगों ने मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आवेदन किये।
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