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रिजिजू की टिप्पणी के बाद महबूबा मुफ्ती ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहा

Anantnag, Jun 10 (ANI): Jammu and Kashmir Peoples Democratic Party (PDP) President Mehbooba Mufti addresses local businessmen, taxi drivers, hoteliers, pony walas and civil society members, at Pahalgam in Anantnag on Tuesday. (jkpdp X/ANI Photo)

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए स्पष्टीकरण दिया कि यह टिप्पणी उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान के बाद की, जिसमें उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस्तेमाल किए गए शब्द की श्रेणी में आ सकते हैं।

सुश्री महबूबा की यह टिप्पणी श्री रिजिजू के उस स्पष्टीकरण के बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। श्री रिजिजू ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो भारतीय संविधान को नकारते हुए माओवादियों का समर्थन करते हैं, अलगाववादियों और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं या पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से अलग करने की वकालत करते हैं।

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श्री रिजिजू ने लिखा पीएम नरेंद्र मोदी जी ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा। मंत्री की टिप्पणी पर टिप्पणी करते हुए सुश्री महबूबा ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं आर्टिकल 370 का समर्थन करती हूं। मैं एक दिमागी नक्सल हूं।”

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देता है। जिसको भाजपा सरकार ने 5 अगस्त 2019 को खत्म कर दिया था। इस कदम से क्षेत्र के विशेष संवैधानिक प्रावधान समाप्त हो गए और राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में ‘दिमागी नक्सलियों’ से पैदा होने वाले नये खतरे के बारे में चेतावनी दी थी, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

Pic Credit : ANI

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