भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिए जाने के विरोध में उनके समर्थकों ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाया और पुलिस पर पथराव किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को बाधित कर दिया। पुलिस द्वारा सड़क खाली कराने के प्रयास के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बाद में सुरक्षा बलों ने राजमार्ग से जाम हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था जिसके बाद मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई।
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने संवाददाताओं से कहा कि प्रदर्शनकारियों ने करीब 11-12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित रखा। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और उन्होंने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
वानखेड़े ने कहा कि पथराव में दतिया के पुलिस अधीक्षक, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया लेकिन बाद में राजमार्ग से जाम हटाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने दतिया शहर में शांति भंग करने एवं बाजार बंद कराने की कोशिश की और करीब 12 घंटे तक सड़क को बाधित किया।
उन्होंने कहा कि पथराव में छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। खंडेलवाल ने कहा हमने आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके नहीं मानने और पथराव करने पर पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
उन्होंने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष और कुछ स्थानीय पार्षदों समेत कई पदाधिकारियों ने विरोध में भाजपा से इस्तीफा दे दिया।
आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से पूर्व मंत्री मिश्रा को झटका लगा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था।
दतिया जिले के सेवढ़ा निवासी आशुतोष तिवारी प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं। तिवारी ने भाजपा की प्रदेश इकाई के कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार जताया।
तिवारी ने कहा नरोत्तम मिश्रा बहुत वरिष्ठ नेता और मेरे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा है कि वह पार्टी और मेरे लिए प्रचार करेंगे। मिश्रा के एक समर्थक बलराम ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि कुछ समर्थकों ने अपनी कमीज उतार दी और सड़क पर लेट गए जबकि अन्य ने धरना दिया।
एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक ‘‘नरोत्तम दादा’’ को टिकट नहीं मिलेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो वे पार्टी भी छोड़ देंगे।
कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से पराजित किया था।
हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इस वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी जिसके बाद वह विधायक के रूप में अयोग्य हो गए और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। बाद में भारती को जमानत मिल गई।
निर्वाचन आयोग ने हाल में दतिया समेत देश की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। अन्य दो सीट बिहार और गुजरात में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई को मतदान होगा जबकि मतगणना तीन अगस्त को की जाएगी।
Pic Credit : ANI
