Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

असम चुनाव परिणाम: जोरहाट से भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने गौरव गोगोई को हराया

असम के जोरहाट विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने बंपर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार गौरव गोगोई को 23182 वोटों से हरा दिया है। भाजपा नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी को कुल 69439 वोट प्राप्त हुए, जबकि गौरव गोगोई को 46257 मत मिले।

बता दें कि हितेंद्र नाथ गोस्वामी यहां से छठी बार विधायक बने हैं। असम के सबसे अहम शहरी केंद्रों में शामिल जोरहाट सिर्फ आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद प्रभावशाली सीट है। यहां का चुनावी इतिहास करीबी मुकाबलों, बदलते जनादेश और बड़े नेताओं की टक्कर के लिए जाना जाता है।

जोरहाट विधानसभा सीट एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है और यह जोरहाट जिले में आती है। यह जोरहाट लोकसभा क्षेत्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है।

जोरहाट सीट का गठन 1951 में हुआ था। तब से अब तक यहां 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इस दौरान कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 7 बार जीत दर्ज की है। असम गण परिषद (एजीपी) को 3 बार सफलता मिली, जबकि भाजपा को 3 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 बार जीत हासिल की है। जनता पार्टी को एक बार यहां जीत मिली थी।

जोरहाट सीट का चुनावी इतिहास दो नेताओं हितेंद्र नाथ गोस्वामी और राणा गोस्वामी की प्रतिद्वंद्विता के बिना अधूरा है। हितेंद्र गोस्वामी इस सीट पर लगभग 25 साल तक प्रभावशाली चेहरा रहे। उन्होंने एजीपी और बाद में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। राणा गोस्वामी और हितेंद्र गोस्वामी के बीच चार बार सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें दोनों ने दो-दो बार जीत हासिल की। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस नेता गौरव गोगोई से हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी विजय यात्रा जारी रखी है।

Also Read : पुडुचेरी में सीएम रंगास्वामी ने बड़ी बढ़त से जीत दर्ज की

बता दें कि 2006 में राणा गोस्वामी ने कांग्रेस के टिकट पर 4,880 वोटों से जीत दर्ज की। 2011 में उन्होंने फिर हितेंद्र गोस्वामी को 37,971 वोटों से हराया। 2016 में समीकरण बदला और हितेंद्र गोस्वामी ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर राणा गोस्वामी को 13,638 वोटों से हराया। 2021 में दोनों फिर आमने-सामने हुए, जहां हितेंद्र गोस्वामी ने 6,488 वोटों के अंतर से सीट बचाई।

10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, जोरहाट विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,48,280 पात्र मतदाता हैं। यह 2024 के 1,46,731 मतदाताओं से मामूली बढ़ोतरी है। हालांकि, 2019 की तुलना में मतदाताओं की संख्या में गिरावट देखी गई थी। उस समय यहां 1,75,267 वोटर दर्ज थे।

जोरहाट सीट पर सामाजिक समीकरण भी चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति मतदाता – 8.04 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति मतदाता – 1.95 प्रतिशत और मुस्लिम मतदाता – 7 प्रतिशत से कम है। यहां शहरी वोटरों का दबदबा है। शहरी मतदाता – 64.87 प्रतिशत और ग्रामीण मतदाता – 35.13 प्रतिशत है। यही कारण है कि विकास, सड़क, व्यापार, रोजगार और नागरिक सुविधाएं यहां बड़े चुनावी मुद्दे रहते हैं।

जोरहाट को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। यह शहर साहित्य, संगीत, रंगमंच और पारंपरिक असमिया संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है। असम साहित्य सभा का मुख्यालय, बिहू उत्सव, सत्रिया नृत्य परंपरा और कई सांस्कृतिक संस्थानों ने इसे अलग पहचान दी है। ब्रिटिश काल में यह चाय उद्योग का बड़ा केंद्र बना। आज भी चाय बागान, कृषि, व्यापार, शिक्षा और छोटे उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

Pic Credit : ANI

Exit mobile version