भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को कांग्रेस पर कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और जोधपुर जिले में एक एनएसयूआई नेता पर मतपत्रों की चोरी के लगे आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जवाब मांगा।
राठौड़ ने एक बयान में आरोप लगाया कि गहलोत के करीबी बताए जाने वाले एनएसयूआई नेता सुनील चौधरी जोधपुर जिले की बिलाड़ा पंचायत समिति की भावी ग्राम पंचायत में हुई उस घटना में शामिल थे, जिसमें कथित तौर पर मतपत्र मतदान केंद्र से बाहर ले जाकर एक उम्मीदवार के पक्ष में उन पर मुहर लगाई गई।
राठौड़ ने कहा लोकतंत्र की बार-बार बात करने वाले गहलोत को बताना चाहिए कि क्या वह इसी तरह की व्यवस्था पूरे देश में चाहते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए उसके ‘वोट चोरी’ अभियान पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राज्य सरकारों को बर्खास्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 356 का 93 बार इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और संघीय ढांचे के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं।
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दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने दावा किया कि रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी और नेताओं के संबोधन के दौरान कई कुर्सियां खाली रहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरें प्रसारित कर रैली में बड़ी भीड़ जुटने का दावा करने की कोशिश की।
राठौड़ ने राजस्थान के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास पर विशेष रूप से आरोप लगाया कि उन्होंने प्रयागराज में जुटी भीड़ की तस्वीर को कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीर बताकर साझा किया।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके गहलोत को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर किनारे क्यों रखा गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक तस्वीरें और गलत जानकारी प्रसारित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने का आग्रह किया।
राठौड़ ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाने के लिए प्रदर्शनों और नारों का सहारा लेने के बजाय कांग्रेस को पहले अपने नेताओं पर लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही जरूरी हैं।
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