पूर्व लोकसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव ने शुक्रवार को यहां राजभवन में कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उन्होंने श्री थावरचंद गहलोत का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल के तहत सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रहीं सुधा यादव ने आईआईटी रुड़की से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) में एमएससी और पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वह 2019 से 2022 तक ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ की सदस्य रहीं और भाजपा में कई संगठनात्मक पदों पर काम कर चुकी हैं।
Also Read : जेलेंस्की ने बेल्जियम से और एफ-16 लड़ाकू विमानों तथा गोला-बारूद की मांग की
वह अपने पति सुखबीर सिंह यादव की मृत्यु के बाद चुनावी राजनीति में आईं। उनके पति सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद, उन्होंने लोकसभा में महेंद्रगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और हरियाणा में एक प्रमुख अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता के रूप में उभरीं।
इस फेरबदल के तहत श्री ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल, श्री ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल और श्री दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सिक्किम के राज्यपाल रहे ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि केरल के निवर्तमान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
ये नियुक्तियां राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और उनके तबादले की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
Pic Credit : ANI
