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छात्रावास में लाठीचार्ज को लेकर केरल विधानसभा में हंगामा

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विश्वविद्यालय छात्रावास के भीतर छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सोमवार को केरल विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। अध्यक्ष के इस मुद्दे पर ‘काम रोको प्रस्ताव’ लाने की अनुमति न देने के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

विवाद तब बढ़ा, जब माकपा विधायक वी जॉय ने टूटी हुई पुलिस लाठी और छात्रों पर हुए हमले की तस्वीरें दिखाते हुए इस मुद्दे को उठाया। यह घटना 30 सितंबर को छात्रावास के पास स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं और यूथ कांग्रेस के बीच हुई झड़प के दौरान की है।

पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए श्री जॉय ने शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने छात्रावास के भीतर पुलिस के दाखिल होने और छात्रों से मारपीट पर सवाल खड़े किए। उन्होंने घटना के दौरान छात्रों और पत्रकारों को आई चोटों का भी जिक्र किया।

इन आरोपों का जवाब देते हुए गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि हिंसा तब शुरू हुई, जब विरोध मार्च निकाल रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छात्रावास के भीतर से बीयर की बोतलें फेंकी गयी। उन्होंने कहा कि झड़प के दौरान पत्थर और अन्य चीजें भी फेंकी गईं, जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गये।

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पुलिस बल की संरचना में बदलाव के आरोपों को खारिज करते हुए श्री चेन्निथला ने कहा कि घटना के दौरान तैनात पुलिसकर्मी उसी बल का हिस्सा हैं, जिसने पिछली सरकार के दौरान भी सेवाएं दी थीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि पुलिस अधिकारियों के आवासों पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिशों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री इस घटना की जांच के आदेश दे सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कराने का भी संकेत दिया।

सरकार के दावे को खारिज करते हुए नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के मार्च के दौरान छात्रावास की बिजली गुल होने के बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने पुलिस पर बिना किसी वजह के छात्रों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और इस पूरे मामले पर सरकार के रुख पर सवाल उठाए।

विपक्ष की मांग थी कि छात्रावास के भीतर पुलिस कार्रवाई की व्यापक जांच हो और ज्यादतियों के लिए जवाबदेही तय की जाए। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पथराव और हिंसा को देखते हुए पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।

तीस सितंबर को यह झड़प मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर निकाले जा रहे युवा कांग्रेस और केएसयू के मार्च के दौरान हुई थी। केरल विश्वविद्यालय हॉस्टल के पास दोनों गुटों के बीच पथराव और जलती हुई वस्तुएं फेंकने से माहौल बिगड़ गया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।

अध्यक्ष के काम रोको प्रस्ताव की अनुमति न दिए जाने और पुलिस ज्यादती के आरोपों पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया।

Pic Credit : UNI

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