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प्रसादम् मामले की होगी जांच

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के विख्यात तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम् में जानवरों की चर्बी की मिलावट के मामले की जांच के लिए रविवार को विशेष जांच दल, एसआईटी का गठन किया गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि एसआईटी सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी। इसी के आधार पर कार्रवाई होगी, ताकि ऐसी चीजें दोबारा न हों। इस घटना को लेकर राज्य के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा- जब हिंदू मंदिरों को अपवित्र किया जाता है तो हमें चुप नहीं रहना चाहिए। अगर ऐसा मस्जिदों या चर्चों में होता तो देश में गुस्सा भड़क उठता।

पवन कल्याण ने रविवार, 22 सितंबर से 11 दिनों की प्रायश्चित दीक्षा की शुरुआत की। इस दौरान वे उपवास करेंगे। पवन ने कहा- मुझे अफसोस है कि मैं मिलावट के बारे में पहले क्यों नहीं पता लगा पाया। मुझे दुख हो रहा है। इसके लिए प्रायश्चित करूंगा। पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- पवित्र माने जाने वाले तिरुमाला लड्डू प्रसादम् को जगन रेड्डी की सरकार की भ्रष्ट नीतियों के कारण अपवित्र कर दिया गया है। इस पाप को शुरू में न पहचान पाना हिंदू जाति पर एक कलंक है।

इस बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिख कर प्रसादम् विवाद पर नायडू से जवाब मांगने का अनुरोध किया है। रेड्डी ने लिखा है- सीएम चंद्रबाबू नायडू की तरफ से तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की पवित्रता, अखंडता और प्रतिष्ठा को कलंकित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लिखा है कि चंद्रबाबू नायडू एक असाध्य और आदतन झूठ बोलने वाले व्यक्ति हैं और वे इस हद तक गिर गए हैं कि उन्होंने केवल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है।

दूसरी ओर कई दिन के विवाद के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन पर श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर की पवित्रता को नुकसान पहुंचाने और प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू प्रसादम् में इस्तेमाल किए जाने वाले घी में मिलावट के आरोपों के बाद हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। हैदराबाद के सैदाबाद पुलिस स्टेशन में एक वकील ने यह शिकायत दर्ज कराई है।

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