nayaindia देवता हैं मोदी तो मंदिर में रहें, राजनीति में नहीं: ममता
पश्चिम बंगाल

देवता हैं मोदी तो मंदिर में रहें, राजनीति में नहीं: ममता

ByNaya India,
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Mamta
Image Credit: Jagran

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि वो देवता है तो उन्हें राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए। इसके बजाय उन्हें मंदिर में रहना चाहिए। कोई कह रहा है मोदी देवताओं के राजा हैं और किसी ने कहा जगन्नाथ देव मोदी के भक्त है। अगर ऐसा मामला है तो किसी राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए।

ममता ने आरोप लगाया कि अगर मोदी सत्ता में लौटे तो धर्म और विचार की स्वतंत्रता नहीं रहेगी। उन्होंने एक जनसभा में कहा मोदी इतने निरंकुश हैं कि अगर दोबारा चुने गए तो वह कोई चुनाव नहीं होने देंगे। धर्म और विचार की कोई स्वतंत्रता नहीं होगी। बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है लेकिन मोदी जैसा कोई नहीं देखा। उन्होंने कहा ‘देश को ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’ वह कुछ ही दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री बन जाएंगे।’ उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) लोकसभा चुनाव हार जाएगा।

उन्होंने कहा कि अब हर कोई कह रहा है कि देश में राजनीतिक हवा की दिशा बदल रही है। उन्होंने यह दावा करने के लिए मोदी पर निशाना साधा कि वह दिल्ली से चक्रवात रेमल की निगरानी कर रहे थे। टीएमसी अध्यक्ष बनर्जी ने कहा क्या एक पीएम को इतना झूठ बोलना शोभा देता है, झूठ बोलना किसी का भी संवैधानिक अधिकार नहीं है. मैं उनसे आग्रह करती हूं कि उन्होंने जो कहा उस पर दोबारा विचार करें।

बनर्जी ने प्रधानमंत्री द्वारा चक्रवात के बाद केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करने पर उन्हें फटकार लगाई कि यह राज्य सरकार है जो एनडीआरएफ के प्रयासों का खर्च वहन करती है। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों का जिक्र करते हुए कहा गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी ने दंगे कराए। देश के प्रधानमंत्री बनने से पहले वह देश को नहीं जानते थे।

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