भारत से दवाओं के कच्चे माल का आयात जारी : पाकिस्तान - Naya India
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भारत से दवाओं के कच्चे माल का आयात जारी : पाकिस्तान

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के व्यापारिक मामलों के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाऊद ने सीनेट को बताया कि भारत के साथ व्यापार पर रोक के बावजूद वहां से दवाओं के कच्चे माल को मंगाना जारी रखा गया है, इस पर कोई रोक नहीं है।

जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष राज्य के दर्जे को भारत सरकार द्वारा बीते साल पांच अगस्त को वापस लेने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे भारत पर तो कोई असर नहीं पड़ा लेकिन पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्र परेशान हो उठे।

दवा उद्योग भी इनमें से एक है। दवा उद्योग की मांग के बाद पाकिस्तान को भारत से दवाओं, इनके कच्चे माल व पोलियो मार्कर जैसे स्वास्थ्य उपकरणों को मंगाने के लिए बाध्य होना पड़ा। ‘जंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, दाऊद ने सीनेट को एक सवाल के जवाब में बताया कि देश में दवाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। वह सीनेटर मियां अतीक शेख को जवाब दे रहे थे जिन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1949 के व्यापारिक समझौतों पर अमल करने और मौजूदा हालात पर चर्चा कराई जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसा व्यापार हो रहा है जो वैध नहीं है। दूसरी तरफ व्यापार पर असर हो तो बाजार में दवाइयां कम पड़ जाएंगी। दाऊद ने कहा कि दवाओं की कमी नहीं है। पांच अगस्त के बाद से भारत से व्यापार पर रोक है लेकिन कम से कम दवाओं के कच्चे माल पर ऐसी कोई रोक नहीं है। जरूरी कच्चे माल के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय से पूछा गया है और यह माल भारत से आ रहा है। पोलियो की वैक्सीन भी लेकर आए हैं।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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