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छठी बार देश के पीएम के तौर पर विक्रमसिंघे ने संभाला प्रधानमंत्री पद का कार्यभार…

Wickremesinghe New PM
Source : Free Press Journal

कोलंबो | Wickremesinghe New PM : श्रीलंका इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. इन हालातों में जहां एक ओर हिंसा यहां के लोगों के लिए परेशानी बन रही है वहीं दूसरी ओर लोगों की आवश्यक्ता पूरी करना सरकार के लिए पहली प्राथमिकता बन गई है. इन हालातों में श्रीलंका के नवनियुक्त प्रधानमंत्री एवं यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) नेता रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया. विक्रमसिंघे पर कई तरह के दबाव हैं और उन्हें देश की गंभीर परेशानियों का डट कर मुकाबला करना पड़ेगा. इसकी पीछे का कारण है कि देश में हर कहीं अराजकता का माहौल है और कहीं ना कहीं उन्हें पहले देश की आवाम का दिल जीतना होगा.

Wickremesinghe New PM
Source : Hindusthan Times

5 बार पीएम रह चुके हैं विक्रमसिंघे

Wickremesinghe New PM : बता दें कि इसके पहले भी पांच बार देश के प्रधानमंत्री रहे श्री विक्रमसिंघे ने श्रीलंका का नेतृत्व किया है. उन्होंने गुरुवार को छठी बार इस पद की शपथ ली. समाचारपत्र ‘डेली मिरर’ ने बताया कि श्री विक्रमसिंघे ने आज सुबह प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया. राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के भाई महिंदा राजपक्षे के नौ मई को पद से हटने के बाद प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली हो गयी थी. जिसके बाद ये पद उन्होंने ग्रहण किया है.

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अनुभव के मिलेगा लाभ…

Wickremesinghe New PM : इसके पहले विक्रमसिंघे ने 1993 से 1994, 2001 से 2004, 2015 से 2015 (100 दिन), 2015 से 2018 और 2018 से 2019 तक श्रीलंका के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. वह 1994 से यूएनपी के नेता हैं और 1994 से 2001 और 2004 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहें हैं. दुनिया के कई राजनेताओं का मानना है कि विक्रमसिंघे श्रीलंका में विपरीत परिस्थितियों में काम करने में सफल होंगे. इसके पीछे उनके तर्क हैं कि उनके पास काम करने का अच्छा खासा अनुभव है और उन्हें पता है कि कैसे देश को इस विषम परिस्थिति से उपर लेकर जाना है.

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