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राज्य स्तरीय समिति करेगी जीएसटी शिकायतों का निपटारा

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए जोनल / राज्य स्तरीय समिति  बनायी जा रही है जिसमें राज्य और केन्द्र सरकार के पदाधिकारियों के साथ उद्योग, व्यापार और कर सलाहकार शामिल होंगे।

जीएसटी परिषद की गत 18 दिसंबर को हुयी 38वीं बैठक में लिये गये निर्णय के आधार पर इस संबंध में केन्द्रीय कर एवं जीएसटी से जुड़े सभी प्रमुख मुख्य आयुक्त , सभी राज्यों के मुख्य आयुक्तों एवं आयुक्तों को पत्र भेजकर शिकायत निपटारा समिति बनाने के लिए कहा गया है।

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इसमें कहा गया है कि जीएसटी के तहत सभी करदाताओं की इससे जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए तंत्र बनायी जानी चाहिए। इसके लिए जीएसटी परिषद ने जोनल/ राज्य स्तर पर शिकायत निपटारा समिति बनाने का अनुमोदन किया है जिसमें केन्द्र और राज्य के अधिकारियों के साथ ही उद्योग और व्यापार से जुड़े प्रतिनिधि और जीएसटी हितधारक शामिल होंगे। जोनल प्रमुख मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त केन्द्रीय कर इस समिति के सह अध्यक्ष होंगे।

राज्य कर के मुख्य आयुक्त या आयुक्त भी सह अध्यक्ष होंगे। विभिन्न ट्रेड एसोसियेशन के अधिक 12 प्रतिनिधि होंगे। चार्टर्ड अंकाउटें, कर अधिवक्ता, कर पेशेवर जैसे कर के जानकारों के प्रमुख संघों के अधिकतम चार सदस्य होंगे। इसमें आईटीजीआरसी के केन्द्रीय कर और राज्य कर के नोडल अधिकारी भी शामिल होंगे। राज्य या जोनल स्तर पर जीएसटीएन से जुड़े प्रतिनिधि, सह अध्यक्ष की अनुमति से कोई अन्य सदस्य आदि इस समिति में होंगे।

प्रत्येक राज्य में एक राज्य स्तरीय समिति होगी और जिस राज्य में एक से अधिक जोन है वहां जोनल स्तरीय समिति होगी। इस समिति का कार्यकाल दो वर्षाें का होगा और इसी आधार पर प्रत्येक मनोनित सदस्य का कार्यकाल भी दो वर्ष का ही होगा। जो काई भी सदस्य बगैर किसी उचित कारण के समिति की लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहेंगें उनकी सदस्यता समाप्त हो जायेगी और उनके स्थान पर दूसरे सदस्य का मनोनयन किया जायेगा। समिति की हर तिमाही बैठक होगी और सह अध्यक्ष की अनुमति पर अगल से भी बैठक बुलायी जा सकती है।

 

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