एसीबी ने दी अजित पवार को क्लिन चिट

नागपुर। महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक परमबीर सिंह ने पिछले सप्ताह सिंचाई घोटाले में दायर अपने हलफनामे में त्रुटि के लिए माफी मांगते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में एक नया हलफनामा दायर किया है जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजीत पवार को क्लिन चिट दे दी गयी है।

हलफनामा सिंचाई घोटाले को लेकर है जिसमें राकांपा नेता अजीत पवार पहले आरोपी बनाये गये थे। इससे पहले 19 दिसंबर को दायर अपने अंतिम हलफनामे में सिंह ने कहा कि पहले के महानिदेशक संजय बारे ने ‘अजीत पवार की भूमिका के बारे में एक विशेष रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दी थी’ जब उन्होंने पिछले साल इसी मुद्दे के बारे में एक हलफनामा दायर किया था। इस संबंध में अदालत से माफी मांगते हुए सिंह ने कहा कि पहले के महानिदेशक ने ‘उस रिपोर्ट पर ध्यान नहीं दिया और अपने अंतिम वर्ष के हलफनामे में इसका उल्लेख किया।’ एसीबी ने अपने नये हलफनामे में अजीत पवार को कथित विदर्भ सिंचाई विकास निगम घोटाले में क्लीन चिट दे दी।

सिंह की ओर से दायर हलफनामा में कहा गया है,“प्रतिवादी संख्या 7 (अजीत पवार) की भूमिका के संबंध में, विशेष जांच टीमों द्वारा पूछताछ / जांच के दौरान किसी आपराधिक दायित्व का खुलासा नहीं किया गया है।” इसमें कहा गया है कि 45 निविदाओं की खुली जांच को बंद कर दिया गया है क्योंकि मामले में कोई आपराधिक खुलासा नहीं हुआ है। अजीत पवार कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार में वर्ष 1999 से 2014 के बीच महाराष्ट्र में सिंचाई विभाग के प्रभारी थे। यह घोटाला उसी वर्षाें के दौरान का है।

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