मप्र का मुख्यमंत्री बनने पर लागू नहीं होंगे कृषि कानून : कमल नाथ

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी करार देते हुए वादा किया है कि, उप-चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनते ही इन कानूनों को राज्य में लागू नहीं करने का फैसला लूंगा।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज कहा कि, केंद्र और मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार इस कानून के जरिए पूंजीपति और कॉरपोरेट क्षेत्र को लाभ पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए बिना किसानों के भविष्य की सोचे ताबड़तोड़ तरीके से प्रदेश में इस कानून को लागू कर दिया गया।

किसानों के खिलाफ अमीरों से मिलकर जो साजिशें रची जा रही हैं, उसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। संसद में कृषि कानून पारित करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कमल नाथ ने कहा कि, संसद में जिस अलोकतांत्रिक ढंग से किसान विरोधी कानून पारित कराए गए हैं, वह भाजपा की मंशा को स्पष्ट करते हैं कि वह सीधे-सीधे इनके जरिए किसानों की कीमत पर बड़े घरानों को लाभ पहुंचाना चाहती है।

ये तीनों कानून पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाले हैं। कमल नाथ ने कहा कि, मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही किसानों के हित में फैसला लूंगा और इन तीनों कानून को मध्यप्रदेश में लागू नहीं होने दूंगा। साथ ही मंडी टैक्स को न्यूनतम स्तर पर लाया जायेगा और मंडियों का दायरा भी बढ़ाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार 23 प्रकार की फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करती है। मगर सिर्फ धान और गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदती है और बहुत सीमित मात्रा में दाल और मोटा अनाज वो भी इसलिए क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित करना होता है और आपात स्थिति के लिए संग्रहित करना होता है। बांकी की फसलों के लिए किसान बाजार के भरोसे होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares