nayaindia Akali JDS Draupadi Murmu अकाली और जेडीएस का द्रौपदी मुर्मू को समर्थन
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अकाली और जेडीएस का द्रौपदी मुर्मू को समर्थन

नई दिल्ली। दो और विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति पद की एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का ऐलान किया है। भाजपा की पूर्व सहयोगी अकाली दल ने यूपीए के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की बजाय भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को वोट देने का ऐलान किया है। ध्यान रहे दो दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल से बात की थी। उधर कर्नाटक की विपक्षी पार्टी जेडीएस ने भी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि अकाली दल ने कृषि कानूनों के मसले पर केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और हरसिमरत कौर बादल ने सरकार से इस्तीफा दे दिया था। गठबंधन खत्म करने के बाद पहली बार दोनों पार्टियां विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ीं और बुरी तरह हारीं। अब एक बार फिर दोनों में साझेदारी बन रही है। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करके अकाली दल ने भाजपा की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।

अकाली दल और जेडीएस से पहले एक और भाजपा विरोधी पार्टी बसपा ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा की है। एनडीए का साथ देने का ऐलान करते मायावती ने कहा था कि वे द्रौपदी मुर्मू का समर्थन इसलिए कर रही हैं क्योंकि वे आदिवासी समुदाय से आती हैं। उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा था कि राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर विपक्ष ने बसपा से सलाह मशविरा नहीं किया। बहरहाल, झारखंड में कांग्रेस के साथ सरकार चला रही जेएमएम के नेता हेमंत सोरेन ने भी दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी और माना जा रहा है कि वे भी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देंगे।

बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस जैसी पार्टियां पहले ही राष्‍ट्रपति चुनाव में एनडीए की प्रत्‍याशी को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी हैं। ऐसे में द्रौपदी मुर्मू की जीत तय है। राष्‍ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू का मुकाबला विपक्ष के उम्‍मीदवार यशवंत सिन्‍हा से होना है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार में सिन्‍हा विदेश और वित्‍त मंत्रालय की जिम्‍मेदारी संभाल चुके हैं। कुछ समय पहले भाजपा से नाता तोड़ कर वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे।

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