अमरिंदर 11 लाख नौकरियां देने की बात साबित करें : शिअद - Naya India
ताजा पोस्ट | देश| नया इंडिया|

अमरिंदर 11 लाख नौकरियां देने की बात साबित करें : शिअद

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद)ने दिल्ली चुनाव प्रचार में बड़े -बड़े दावे करने वाले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वो नौजवानों को दी गई 11 लाख नौकरियों के आंकड़े जारी करें।

पार्टी के वरिष्ठ नेता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने आज यहां कहा कि दिल्ली में एक दिन चुनाव प्रचार में मुख्यमंत्री ने युवाओं को 11 लाख नौकरियां देने का झूठ बोला था । यदि यह सच है तो वो आंकड़े जारी करें । यदि यह सच नहीं है तो वो नौजवानों तथा पंजाबियों से माफी मांगें ।

इसे भी पढ़ें :- सीएए पर सभी पक्ष मिलकर सोचें: मोदी

शिअद नेता ने कहा कि लोग असलीयत से अवगत हैं तथा दिल्ली में बोला गया झूठ वास्तविकता नहीं बदल सकता। यह सच्चाई है कि किसानों का कर्ज माफ करने के वादे के बाद कैप्टन सिंह के ‘घर घर नौकरी’ का वादा पूरा पूरा न होने के बाद युवाओं ने दुखी होकर आत्महत्याएं करनी शुरू कर दी हैं।

नई नौकरियां तो भूल ही जाओ, सरकार ने खाली पड़े 50 हजार पद नही भरें हैं, जो पिछले तीन सालों के दौरान खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ठेके पर भर्ती किए 27 हजार कर्मचारियों को भी नियमित करने से इंकार कर दिया है। ग्रेवाल ने कहा कि नौजवानों ने कांग्रेस सरकार के रोजगार मेलों पर जाना बंद कर दिया है, क्योंकि वहां कम से कम निर्धारित दिहाड़ी से भी कम पैसों वाली नौकरियों की पेशकश की जा रही है।

ऐसे भी उदाहरण हैं जब इन रोजगार मेलों में भाग लेने के लिए एक भी नौजवान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नौजवानों को 2500 रूपए प्रति महीना बेरोजगारी भत्ता देने का वादा पूरा नहीं किया। यह वादा चुनाव प्रचार करते हुए दिल्ली में भी किया गया है। एक साल से ज्यादा समय दलित छात्रों को केंद्रीय छात्रवृत्ति से वंचित रखा गया । न तो छात्राओं को साईकिल दिए जा रहे हैं तथा न ही स्कूली छात्रों को सर्दियों की वर्दियां।

अकाली नेता ने कहा कि इस मामले में भी कैप्टन सिंह ने लोगों को मूर्ख बनाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि पंजाब में 5500 स्मार्ट स्कूल खोले जा चुके हैं जबकि उनके शिक्षा मंत्री ने खुलासा किया है कि यह स्कीम अभी शुरू ही हुई है। कैप्टन सिंह ने 70 फीसदी वेलनेस सेंटर शुरू होने का दावा किया है जबकि सभी जानते हैं कि यह योजना असफल हो चुकी है ।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *